खगोल विज्ञान का महत्व बताया
रुड़की। आईआईटी रुड़की और आर्य भट्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ ऑब्जर्वेशनल साइंसेज नैनीताल संयुक्त रूप से एस्ट्रोनॉमिकल सोसायटी ऑफ इंडिया की 40 वीं वार्षिक बैठक की मेजबानी की। यह बैठक 29 मार्च 2022 तक आईआईटी रुड़की के परिसर में चलेगी। उद्घाटन कार्यक्रम में प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. के. विजय राघवन ने शिरकत की। खगोल विज्ञान और खगोल भौतिकी के महत्व पर जोर देते हुए प्रो. राघवन ने कहा कि भारत को खगोल विज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी शोधकर्ता बनाने के लिए नींव को मजबूत करना जरूरी है। इस विषय में एएसआई लगातार अपने प्रयासों को बढ़ा रहा है। आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो.अजीत के चतुर्वेदी ने कहा कि यह विद्यार्थियों और फैकल्टी को खगोल विज्ञान (एस्ट्रोनॉमी) के रोचक विषय के बारे में अधिक जानने का एक शानदार अवसर प्रदान करेगा। आईआईटी रुड़की में कई कार्यक्रम ऐसे है जो प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से खगोल विज्ञान में अपना योगदान दे रहे हैं। एआरआईईएस के निदेशक प्रो दीपांकर बनर्जी ने कहा कि स्टार-प्लैनेट इंटरैक्शन की महत्वपूर्ण विशेषताओं और ग्रहों के पर्यावरण पर उनके प्रभावों को समझना विश्व स्तर पर एक तेजी से उभरता हुआ एक विषय है। जिसे हाल ही में गठित हुई अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ आयोग से मान्यता प्राप्त है।
