बारिश के साथ ओला गिरने की भी आशंका

भोपाल,

जम्मू-कश्मीर में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ आगे गुजर गया है। एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ ट्रफ के यप में उत्तर भारत के पास मौजूद है। उत्तर-पश्चिमी राजस्थान पर एक प्रेरित चक्रवात बना हुआ है। इसके अतिरिक्त 26 दिसम्बर को एक तीव्र आवृति वाले पश्चिमी विक्षोभ के भी उत्तर भारत में प्रवेश करने के आसार हैं। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक इस सिस्टम के असर से 27 दिसम्बर से मध्यप्रदेश में बादल छाने लगेंगे। कहीं-कहीं बौछारें पडऩे का सिलसिला भी शुरु हो जाएगा। पूर्वी मप्र के शहडोल, डिंडौरी, बालाघाट क्षेत्र में ओला वृष्टि भी हो सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी पीके साहा ने बताया कि प्रदेश में सबसे कम गत दिवस छह डिग्री सेल्सियस तापमान उमरिया, नौगांव, खजुराहो एवं रीवा में दर्ज किया गया। पश्चिमी मप्र में अधिकतम तापमान एक से तीन डिग्री से. तक की गिरावट हुई, जबकि पूर्वी मप्र में अधिकतम तापमान में एक से दो डिग्री से. की बढ़ोतरी हुई। साहा ने बताया कि कल दोपहर में करीब 16 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से पश्चिमी हवा चलने से दिन के तापमान में कमी हुई। राजधानी का अधिकतम तापमान 26.9 डिग्री से. दर्ज किया गया। जो सामान्य से एक डिग्री से. अधिक रहा। मौसम विाान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि 26 दिसम्बर को ग्वालियर, चंबल, सागर संभागों के जिलो में बौछारें पड़ेंगी। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, होशंगाबाद संभाग में बूंदाबंदी हो सकती है। 28-29 दिसम्बर को पूर्वी मप्र में कहीं-कहीं ओले गिरने की भी आशंका है।

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