जिलाधिकारी विजय किरन आनन्द ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया !
गोरखपुर ।
जिलाधिकारी विजय किरन आनन्द ने तहसील-बांसगांव के बाढ़ प्रभावित ग्राम करंजहीं, नवापार, आईमा, कतरारी एवं धस्की से आच्छादित क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मलांव बांध व कनईल-मझगांवां बांध पर एकत्रित हुए ग्रामवासियों से वार्ता की गयी, जिस दौरान ग्रामवासियों द्वारा मुख्य समस्याओं से अवगत कराया गया, जिलाधिकारी ने निदेश दिया कि नदी जलस्तर वृद्धि/अतिवृष्टि से प्रभावित व्यक्तियों/परिवारों को नियमानुसार शासन द्वारा अनुमन्य राहत खाद्यान्न किट का वितरण निर्बाध रूप से कराया जाये। निरीक्षण के दौरान प्रभारी चिकित्साधिकारी, कौड़ीराम अनुपस्थित रहने, उन्होने प्रभारी चिकित्साधिकारी, कौड़ीराम से स्पष्टीकरण लिये जाने का निर्देश दिया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होने पाया कि प्रभावित ग्रामों में पशुओं हेतु चारा के रूप में भूसा वितरण कार्य नही हुआ है जिसपर उन्होने पशु चिकित्साधिकारी, कौड़ीराम से स्पष्टीकरण लिये जाने का निर्देश देते हुए तत्काल चारे की उपलब्धता तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थायें पूर्ण किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। उन्होने बेला सम्पर्क मार्ग कई जगहों पर क्षतिग्रस्त मिलने पर तत्काल मरम्मत कार्य कराये जाने हेतु अधिशासी अभियंता, निर्माण खण्ड-3, लोक निर्माण विभाग को निर्देशित करते हुए कृत कार्यवाही की विस्तृत रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत करने हेतु निर्देश दिया जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित ग्रामों में निरंतर फागिंग कार्य कराये जाने का निर्देश दिया और उक्त कार्य के पर्यवेक्षण हेतु उपजिलाधिकारी, बांसगांव को निर्देशित किया । उपजिलाधिकारी, बांसगांव द्वारा अवगत कराया गया कि मलांव बांध से ग्राम की तरफ जाने वाली सड़क को यदि 1.5 मीटर ऊचां कर दिया जाये तो वर्षाकाल में आवागमन बाधित नहीं होगा। उन्होने संबंधित विभाग के माध्यम से प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों द्वारा अवगत कराया गया कि विद्युत आपूर्ति निर्बाध रूप से संचालित है। उन्होने निर्देशित किया कि विद्युत व्यवस्था निर्बाध रूप से बनी रहे, इस हेतु आवश्यक संसाधन ट्रांसफार्मर इत्यादि जो कि आरक्षित किये गये हैं, का भौतिक सत्यापन भी सुनिश्चित किया जाये। उन्होने कहा कि बाढ़ प्रभावित ग्रामों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति बनी रहनी चाहिए यदि आवश्यक हो तो तत्काल टैंकर आदि से जलापूर्ति सुनिश्चित करायी जाये। निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी, बांसगांव द्वारा अवगत कराया गया कि यदि नदी जलस्तर में भारी वृद्धि होती है तो विस्थापित ग्रामीणों हेतु तटबंध के पास पंचायत भवन उपलब्ध है, जो कि बाढ़ शरणालय हेतु चिन्हित किया गया है। उन्होने उप जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि बाढ़ शरणालय पर समुचित व्यवस्थायें सुनिश्चित कर ली जायें।निरीक्षण के समय उपजिलाधिकारी बांसगांव, तहसीलदार बांसगांव, खण्ड विकास अधिकारी कौड़ीराम, अधिशासी अभियंता बाढ़ खण्ड, पशु चिकित्साधिकारी, ग्राम प्रधान करंजहीं एवं नवापार उपस्थित थे।
