सनातन धर्म की जननी है गौ माता: आचार्य जोशी

विकासनगर। श्री महासू गौ सेवा सहयोग समिति के तत्वावधान में रविवार को लांगा पोखरी में पांच दिवसीय गौ कथा का शुभारंभ कलश यात्रा से किया गया। इस मौके पर ठाणा टुंगरा और रिखाड़ की महिलाओं ने पारम्परिक जौनसारी वेशभूषा में लांघा पोखरी से लेकर पुरोड़ी तक कलश यात्रा निकाली। कार्यक्रम में आश्रम पद्धति विद्यालय की बालिकाएं भी शामिल हुईं।
रविवार प्रातः गौ कथा के प्रथम दिवस पर कलश यात्रा निकाली गई। जिसमें आश्रम पद्धति बालिका विद्यालय लांगा पोखरी की बालिकाओं के द्वारा यात्रा का रूप भव्य और दिव्य बनाया गया। कलश यात्रा के पश्चात कलश स्थापना कर भूमि पूजन कर गाय की रक्षा का संकल्प लिया गया।सांयकालीन मंगल बेला में व्यास पीठ पर विराजमान कथा वाचक आचार्य विपिन जोशी द्वारा गौ महिमा का वर्णन किया गया। कथा वाचक ने गौ की व्याख्या कर बड़े सुंदर भाव से भक्त जनमानस को गौ की महिमा को बताया कि गौ सनातन धर्म की जननी है। कलयुग में गौ सेवा करने से ही मनुष्य का कल्याण निश्चित है। गौ को साधन नहीं साध्य समझें। बिना गौ माता के हमारे सनातन धर्म में किसी भी देवी देवता का मांगलिक कार्य पूजन कर्म बिना गौ के संभव नहीं है। इस अवसर पर आचार्य विवेक शरण शास्त्री, वेदपाठी संजय जोशी,आचार्य बृजेश जोशी, आचार्य संजय जोशी,पंडित भीम दत्त डोभाल, पंडित उमादत्त उनियाल, पंडित सुरेश उनियाल, सालक राम जोशी, भाव सिह रावत, प्रीतम भारती, विजय राणा, दिनेश चौहान, यशपाल चौहान ,सुरेंद्र भारती, सहित लांगापोखरी, ठाना, टुंगरा, रिखाड़ गांव के गौ भक्त मौजूद रहें।

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