विकास बोलता था समय की जरूरत है, मिट्टी भी भर के बेचोगे तो बिकेगा, कोई नहीं पूछने वाला
एडीसीपी ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि विकास दुबे को इंजेक्शन मौर्या उपलब्ध कराता था। विकास अन्य साथियों को इंजेक्शन देता था। अन्य साथी कहते थे कि अगर पकड़े गए तो इस पर विकास कहता था कि इस समय हर व्यक्ति को जरूरत है। मिट्टी भी भरकर बेच दोगे तो ले लेगा। बस रुपये कमा लो यही सही समय है आदमी बना दूंगा तुम लोगों को। विकास अपना परिचय केजीएमयू के डाक्टर के रूप में देता था। प्रत्येक इंजेक्शन में बिक्री करने वाले को तीन हजार रुपये का कमीशन मिलता था। यह लोग ग्राहकों को बताते थे कि रेमडेसिविर इंजेक्शन जो डिसरेम के नाम से है वह हमारे पास उपलब्ध है। विकास ने पूछताछ में बताया कि शुक्रवार को ही रितांशु उनसे इंजेक्शन बिक्री के 1.86 लाख रुपये लेकर गया था। एडीसीपी ने बताया कि गिरफ्तारी की टीम में शामिल पुलिस कर्मियों में इंस्पेक्टर मानकनगर धर्मेंद्र कुमार सिंह, सर्विलांस टीम से दारोगा राहुल सोनकर और सर्विलांस एक्सपर्ट आशीष द्विवेदी व अन्य हैं। गिरफ्तारी की टीम में शामिल पुलिस कर्मियों को पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने 20 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
