छात्रों ने ड्रोन विकसित करना सीखा

ऋषिकेश। ओमकारानंद इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (ओआईएमटी) मुनिकीरेती में ड्रोन टेक्नोलॉजी पर कार्यशाला हुई। कार्यशाला में 150 छात्र-छात्राओं को ड्रोन तकनीकी से संबंधित जानकारियां दी गईं। शुक्रवार को कंप्यूटर विज्ञान विभाग ने टेक्नोहब लैबोरेट्री देहरादून के सहयोग से कार्यशाला का आयोजन किया। इसका शुभारंभ संस्थान के निदेशक डॉ. विकास गैरोला, डीन प्रमोद उनियाल व विभागाध्यक्ष अनिल रणाकोटी ने किया। निदेशक डॉ. विकास गैरोला ने कहा कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ड्रोन तकनीकी और उसकी एप्लीकेशन को उत्तराखंड में कैसे प्रयोग में लाया जा सके, इस पर विचार आदान-प्रदान करना है। डीन प्रमोद उनियाल ने कहा कि इस आधुनिकता के युग में ड्रोन टेक्नोलॉजी बड़ी तेजी से विकसित हो रही है। इसलिए छात्र-छात्राओं को भी इसके बारे में जानकारी होनी चाहिए। अनिल रणाकोटी ने ड्रोन तकनीकी के एप्लीकेशन के बारे में बताया एवं उसका उपयोग एवं प्रयोग को कैसे आधुनिक युग में किया जा सके, इसकी जानकारी दी।
उन्होंने ड्रोन में जीपीएस सिस्टम का उपयोग एवं उसके कई प्रकारों पर व्याख्यान दिया। इस दौरान छात्र-छात्राओं को खुद से ड्रोन विकसित करने की तकनीक से अवगत कराया। इस मौके पर अनामिका अरोड़ा, शिवांगी भाटिया, अर्जुन बिष्ट, सनील रावत, कैलाश जोशी, नवीन द्विवेदी, योगेश लखेडा, डॉ. अपूर्व त्रिवेदी, डॉ. राजेश मनचंदा, डॉ. संतोष डबराल, मुकेश शर्मा मौजूद रहे।

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