शहर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लागू नहीं कर पाया नगर निगम

बठिंडा 

केंद्र सरकार के जल संचयन अभियान के तहत बठिडा में लगातार गिर रहे भूजल स्तर को ऊपर उठाने के लिए गांवों व शहर में कई उपाय किए जा रहे हैं, लेकिन नगर निगम ने अब तक रिहायशी व कामर्शियल इमारतों में रेन वाटर हार्वेस्टिग सिस्टम (आरडब्ल्यूएचएस) को इंस्टाल करने का नियम लागू ही नहीं कर पाया है।
निगम के आंकड़ों के अनुसार बठिडा में इस समय 56 हजार से अधिक रिहायशी मकान व 16 हजार से अधिक कमर्शियल प्रापर्टी हैं। 56 हजार रिहायशों में करीब 24 हजार मकानों को 100 गज से कम होने के चलते प्रापर्टी टैक्स में छूट है। ऐसे में 32 हजार रिहायशी इमारतें बाकी बचती हैं। अगर 32 हजार घरों में 150 गज के 12 हजार घरों को और निकाल दिया जाए तो बठिडा में 20 हजार रिहायशी इमारतें बचती हैं जो अधिकतर 200 वर्ग से लेकर 500 वर्ग गज में बनी हुई हैं। अगर सभी 20 हजार रिहायशी इमारतों को 200 वर्ग गज का मकान माना जाए तो हर एक घर में करीब 1800 से 2000 स्क्वेयर फीट कवर एरिया बनता है। अगर वहां आरडब्ल्यएचएस स्थापित किया जाए तो हर साल 200 से 300 एमएम बारिश से कम से कम 60 हजार लीटर पानी जमीन में रिचार्ज किया जा सकता है। इससे एक साल में बठिडा में 120 करोड़ लीटर साफ जल का संचयन अकेले छतों से ही जमीन में किया जा सकता है, लेकिन घरों में इस नियम को लागू करवाने में नगर निगम पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है। वहीं निगम कमिश्नर बिक्रमजीत शेरगिल कहते हैं कि सिस्टम में कुछ खामियां होने के चलते यह नियम शहर में पूरी तरह लागू नहीं हो पाया है, लेकिन इसको पूरा करने के लिए हर काम किया जाएगा।

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