जाम से हांफी तीर्थनगरी, ट्रैफिक व्यवस्था रही ध्वस्त
ऋषिकेश। वीकेंड पर रविवार को राफ्टिंग के रोमांच और कैंपिंग का लुत्फ उठाने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटकों के उमड़ने से तीर्थनगरी को लंबा जाम झेलना पड़ा। नेपालीफार्म, श्यामपुर से लेकर तपोवन तक यात्री वाहनों का दबाव बढ़ने से ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त रही। स्थिति यह रही कि जाम के चलते दुपहिया वाहन तो दूर पैदल चलना भी चुनौती से कम नहीं था। तीर्थनगरी ऋषिकेश में लगातार चौथे दिन ऋषिकेश-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग और हरिद्वार बाईपास मार्ग पर ट्रैफिक व्यवस्था बेहाल रही। दिल्ली, हरियाणा, एनसीआर से सुबह से ही सैलानियों के तीर्थनगरी ऋषिकेश का रुख करने से हाईवे पर पर्यटक वाहनों का दबाव रहा। एक के पीछे एक दिल्ली, हरियाणा और यूपी नंबर के वाहन सरक-सरककर आगे बढ़ते दिखायी दिए। हाईवे पर नेपाली फार्म, खदरी रेलवे फाटक, श्यामपुर चौकी तिराहा, आईडीपीएल सिटी गेट, कोयलघाटी तिराहा, घाट चौक, चंद्रभागा पुल तिराहा, कैलास गेट, मुनिकीरेती से लेकर तपोवन तक लंबा जाम रहा। दोपहर बाद स्थिति ओर बेकाबू हो गई। चार दिन की छुट्टी के चलते पहले से सैर सपाटे के लिए आए सैलानियों के दोपहर बाद वापस लौटने पर भी हाईवे पर वाहनों का दबाव बढ़ने से यातायात व्यवस्था चरमरा गई। ट्रैफिक व्यवस्थित करने के लिए पुलिस और होमगार्ड के जवान मशक्कत करते रहे, लेकिन राहत नहीं मिली।
रोडवेज बसों में भी रहा दबाव: रविवार को अधिकांश सैलानियों के ऋषिकेश से वापस लौटने के चलते दिल्ली रूट की बसों पर यात्रियों का दबाव रहा। सवारियों की भीड़ के आगे बस कम पड़ने से सीट के लिए मारामारी रही। देहरादून रूट की बसों के लिए भी सवारियां बस अड्डा परिसर में इंतजार करती नजर आईं।
चारधाम यात्रा और वीकेंड के मद्देनजर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए मुनिकीरेती और ऋषिकेश पुलिस बेहतर तालमेल बनाकर कार्य कर रही है। रविवार को संयुक्त रूप से जाम की समस्या से निपटने को पुलिस मुस्तैद रही। इससे लोगों को काफी देर तक जाम नहीं झेलना पड़ा।
