आंखों में होने वाले किसी भी नए बदलाव या लक्षण पर ध्यान दें : डॉ. कुसुम
अल्मोड़ा। विश्व काला मोतिया जागरूकता सप्ताह के तहत शुक्रवार को जिला अस्पताल में गोष्ठी आयोजित की गई। आंखों के ग्लूकोमा रोग से नुकसान की विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पीएमएस डॉ. कुसुम लता ने कहा कि काला मोतिया की पहचान यदि प्रारंभिक चरणों में कर ली जाए तो दृष्टि को कमजोर पड़ने से रोका जा सकता है। ऐसे में नियमित जांच कराएं और आंखों में होने वाले किसी भी नए बदलाव या लक्षण पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि 40 की उम्र के बाद यह रोग होने का खतरा ज्यादा रहता है। ऐसे में चिकित्सक से नियमित सलाह और आंखों की जांच करानी चाहिए। यहां नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अरविंद पांगती समेत कई अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
