करोड़ों के मत्स्य बाजार से नहीं मिल रहा व्यापारियों को लाभ
रुड़की। करीब चार की लागत से तैयार हुए मत्स्य बाजार में दुकानों का आवंटन हो चुका है। दुकानदार किराया भी अदा कर रहे हैं, लेकिन दुकानदारों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। व्यापारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। हाईवे स्थित कृषि उत्पादन मंडी परिषद के एक भाग में मत्स्य विभाग की ओर से एक आधुनिक मत्स्य बाजार का निर्माण किया गया है। इस बाजार में 14 ऐसी दुकानें हैं। जिनमें मछली को कई दिनों तक रखने की व्यवस्था है। साथ ही मछलियों के अवशेष से गंदगी न फैले इसके लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। मछली बेचने का कारोबार करने वाले छोटे व्यापारियों के लिए एक दर्जन फड भी बनाए गए हैं। मत्स्य बाजार को आधुनिक इसलिए बनाया गया ताकि यहां पर किसी प्रकार की गंदगी आदि की कोई शिकायत न मिले। पूरे गढ़वाल मंडल में मंगलौर में ही आधुनिक बाजार का निर्माण किया गया है। इसकी लागत करीब 4.16 करोड़ रुपये आयी थी। आधुनिक मत्स्य बाजार में सभी दुकानें आवंटित हो चुकी हैं। वह लगातार किराया अदा कर रहे हैं। इन दुकानदारों का कहना है कि वह जिले के सभी आला अधिकारियों से इस संबंध में गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई भी उनकी समस्या का संज्ञान लेने को तैयार नहीं है। सुशील कुमार, अजय कुमार, इमरान अहमद, सलमान, गुलरेज, मोहम्मद जैद फारुकी आदि दुकानदारों का कहना है कि जब तक अनाधिकृत रूप से मछली का कारोबार बंद नहीं होता तब तक इस आधुनिक बाजार का कोई महत्व नहीं है। मामले एक मछली व्यापारी ने नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। कहा गया है कि आधुनिक मत्स्य बाजार के होते हुए भी अनाधिकृत रूप से क्षेत्र में मछली का कारोबार हो रहा है।
