गन्ने की बुवाई के लिए किसानों को दिए टिप्स
ऋषिकेश। मध्य फरवरी से मध्य मार्च तक का समय गन्ने की बुवाई के लिए सबसे उपयुक्त है। गन्ने की अधिक पैदावार पाने के लिए बुवाई के तरीके तथा बीज के उपचार पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
डोईवाला में इन दिनों गन्ने की बुवाई शुरू हो गई है। ऐसे में वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. संजय कुमार ने गन्ना किसानों को जरूरी सलाह दी है। उन्होंने गन्ने की बुवाई के लिए खेत की तैयारी पर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया। गोबर की खाद अथवा गन्ने की मैली को संयुक्त रूप से प्रयोग करने पर रोटावेटर द्वारा भली प्रकार मिट्टी के कणों के साथ मिलाया जा सकता है। खेत की जुताई गहराई करनी चाहिए। इससे मिट्टी मुलायम एवं अच्छी प्राप्त होगी, जिससे भूमि में वायु एवं जल का संचार भी भली प्रकार से होगा। भूमि समतलीकरण के बाद फसल में उपयोग की जाने वाले उर्वरकों की उपयोग दक्षता में 25 से 30 फीसदी सुधार हो जाता है। खाद एवं उर्वरक की मात्रा का निर्धारण करने के लिए मिट्टी का नमूना प्रयोगशाला में भेज कर भूमि में उपलब्ध पोषक तत्वों का स्तर ज्ञात कर लेना चाहिए। बुवाई करते समय खेत में नमी का स्तर बहुत अच्छा होना चाहिए।
