तहसील दिवस पर 15 समस्याएं एक का भी निस्तारण नहीं
ऋषिकेश। जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए मंगलवार को मासिक तहसील दिवस में 15 फरियादी सिंचाई, अतिक्रमण, पथ प्रकाश, स्वास्थ्य सेवा संबंधी शिकायत लेकर पहुंचे। जनसमस्याओं पर सुनवाई हुई, लेकिन मौके पर एक का भी निस्तारण नहीं हो सका। कार्रवाई के लिए इन्हें संबंधित विभागों को अग्रसारित कर दिया गया है।
मंगलवार को ऋषिकेश तहसील मुख्यालय के सभागार में तहसीलदार डा. अमृता शर्मा की अध्यक्षता में तहसील दिवस आयोजित हुआ। इसमें समाज कल्याण विभाग, ऊर्जा निगम, पूर्ति, लोनिवि, शिक्षा, पशुपालन, नगर निगम, पुलिस, श्रम विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। ऋषिकेश, श्यामपुर, रायवाला, रानीपोखरी आदि क्षेत्रों से आए फरियादियों की समस्याएं तहसील कर्मियों ने रजिस्टर में दर्ज करने के बाद सुनवाई के लिए तहसीदार के पास पहुंचाई। तहसीलदार ने बारी-बारी से जनसमस्याएं सुनीं। रुषाफार्म, गुमानीवाला के प्रेम नारायण रतूड़ी, गढ़ी मयचक के खुशहाल सिंह कलूड़ा ने नहर के क्षतिग्रस्त होने से खेतों में सिंचाई का संकट, पार्षद राजेंद्र सिंह बिष्ट ने जनहित में सरकारी अस्पताल के ब्लड बैंक को खोलने का समय बढ़ाने, प्रतीतनगर रायवाला के तेजपाल ने नई पेयजल लाइन बिछाने, शुभम ने अमितग्राम गली नंबर 13 में विद्युत पोल बदलने, गढ़ी मयचक के वार्ड 11 के ग्रामीणों ने नाली, सड़क पर अतिक्रमण आदि समस्याएं रखीं। तहसलीदार ने बताया कि जनसमस्याओं के शीघ्र निस्तारण के निर्देश संबंधित विभागीय अधिकारियों को दिए हैं।
यह अधिकारी रहे मौजूद- तहसील दिवस में खंड शिक्षाधिकारी के प्रतिनिधि ललित किशोर शर्मा, सहायक समाज कल्याण अधिकारी महेश प्रताप सिंह, एसडीओ ऊर्जा निगम अरविंद नेगी, पूर्ति निरीक्षक विजय डोभाल, कर निरीक्षक नगर निगम निशांत अंसारी, पशुचिकित्साधिकारी डा. राजेश रतूड़ी, सहायक अभियंता लोनिवि आरसी कैलखुरा, एसआई एसपी डबराल, राजस्व उपनिरीक्षक सुधीर सैनी, अवर अभियंता जल संस्थान नवीन नेगी आदि मौजूद रहे।
तय वक्त से पहले ही सिमटा तहसील दिवस: मासिक तहसील दिवस का निर्धारित समय सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक का है। लेकिन तहसील दिवस से लोगों का धीरे-धीरे मोह भंग हो रहा है। पिछली बार 22 अधिकारी और जनसमस्या लेकर महज 7 लोग ही आए थे। इस बार दोपहर 12.30 बजे के बाद फरियादियों के नहीं आने से तहसील दिवस सवा घंटा पहले यानी 12.45 बजे ही सिमट गया।
