टमाटर और गोभी ला रहे किसान की आंख में आंसू, लागत तो दूर, नहीं निकल रहा भाड़ा
गोरखपुर……
यूपी के गोरखपुर में सब्जियों का उत्पादन इस कदर बढ़ गया है कि किसान और व्यापारी दोनों ही परेशान हैं। एक तरफ किसानों का लागत निकालना मुश्किल हो रहा है, तो वहीं मंडी में खरीदार ही नहीं मिल रहे। हालात ये हैं कि मंडी में टमाटर 5 रुपये प्रति किलो की दर से भी नहीं बिक पा रहे. बताया जा रहा है कि टमाटर की 12 गाड़ियां रोज बाजार में लाई जा रही हैं।
जानकारी के मुताबिक, पिछले एक हफ्ते से कई सब्जियों के भाव जमीन पर आ गए हैं. टमाटर एक समय सबसे महंगा बिकता था, लेकिन आज बेभाव हो गया है. इसके अलावा, गोभी और पत्ता गोभी खरीदने से फुटकर व्यापारी बच रहे हैं. ये हाल तब है, जब बाहर की मंडी से सब्जियां मंगवाई ही नहीं जा रहीं, केवल लोकल थोक मंडी से ही सामान आ रहा है. भाव गिरने की वजह से बाहर की मंडियों से टमाटर, पत्ता गोभी, फूल गोभी नहीं लाई जा रही हैं।
थोक कारोबारियों के मुताबिक, फूल और पत्ता गोभी केवल 4-6 रुपये में बिक रही हैं. वहीं टमाटर का भाव महज 5 रुपये प्रति किलो है. उनका कहना है कि लोकल मंडी से ही यह सब्जियां इतनी ज्यादा मात्रा में आ रही हैं कि इनकी बिक्री प्रभावित हो गई है. किसानों का कहना है कि मुनाफा तो छोड़िए, भाड़ा तक निकालना असंभव लग रहा है. फसलों को खेत में सड़ने के लिए किसान नहीं छोड़ सकते, इसलिए औने-पौने दाम पर ही ये सब्जियां बेच रहे हैं।
