एनपीएसटी पर मुक्त मंच विचार गोष्ठी आयोजित
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विवि के शिक्षा विभाग द्वारा राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद नई दिल्ली के तत्वधान में नेशनल प्रोफेशनल स्टैंडर्स फॉर टीचर्स (एनपीएसटी) पर मुक्त मंच विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि डॉ. पी शंकर और मुख्य वक्ता प्रो. दिनेश चतुर्वेदी ने कहा कि भारत वर्ष में भांति-भांति के शिक्षक एवं शिक्षण विचारधाराएं प्रचलित रही है। जिनको एक सूत्र में पिरोना का प्रयास असंभव अवश्य लगता है, परंतु हमें इस और प्रयास अवश्य करना चाहिए। गढ़वाल विवि की कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ने कहा कि शिक्षक एवं शिक्षण कार्य में गुणवत्ता के लिए विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। जिसमें ओपन हाउस डिस्कशन की भूमिका अति महत्वपूर्ण है। कहा कि इस प्रकार के विचार विमर्श संगोष्ठी से हम समाज में धरातल पर कार्य कर रहे हैं शिक्षकों, विद्वानजनों एवं एनजीओ से जुड़े व्यक्तियों के विचारों और उनके अनुभवों को सूक्ष्म रूप से जान एवं समझ पाते हैं। विवि के प्रति कुलपति प्रो. आरसी भट्ट ने कहा कि भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में कार्यरत ऐसे अनुभवी व्यक्तित्व को जो अपने क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल कर चुके हैं, उन्हें हमें ऐसे अवसर मुहैया करवाने चाहिए जिससे वे शैक्षिक कार्यों से स्वैच्छिक रूप से जुड़ सकें। दूसरे सत्र में एनपीएसटी विशेषज्ञ ऋषभ खन्ना ने राष्ट्रीय व्यवसायिक मापदंडों के चार आयामों मूलभूत पर विस्तार रूप से चर्चा की। इस मौके पर एससीईआरटी से प्रो. कुलदीप, दिल्ली विवि के निदेशक प्रो. पंकज अरोड़ा, विपिन राठी, प्रो. रमा मैखुरी, प्रो. सीएम धवन, प्रो. इंदु पांडे खंडूड़ी, प्रो. अरुण डोबरियाल, सुकृति रैवानी प्रो. सुनीता गोदियाल, प्रो. अनिल कुमार नौटियाल, प्रो. गीता खंडूडी, डा. उमेश राणा आदि मौजूद रहे।
