छावनी परिषद चकराता में चांदना मनोनीत हुए जनता के प्रतिनिधि
विकासनगर। चकराता छावनी परिषद में एक वर्ष बाद सिविल सदस्य के मनोनीत होने से स्थानीय लोगों को अब जनता की समस्याओं की निजात मिलने की उम्मीद बंधी है। भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय की ओर अनिल चांदना को छावनी परिषद का सदस्य मनोनीत किया गया है। मनोनीत सदस्य ने बुधवार को स्थानीय लोगों के साथ बैठकर क्षेत्र की समस्याओं पर चर्चा की। चकराता छावनी परिषद के बोर्ड का कार्यकाल मार्च 2020 में समाप्त हो गया था। लेकिन कोविड संक्रमण के चलते चुनाव नहीं होने पर केंद्र सरकार ने निर्वाचित बोर्ड का छह-छह माह के लिए दो बार कार्यकाल बढ़ाया, जो फरवरी 2021 में समाप्त हो गया था। जिसके बाद से ही छावनी परिषद में जनता का प्रतिनिधित्व करने के लिए कोई सदस्य नहीं था। जनता का प्रतिनिधि नहीं होने से सिविल क्षेत्र की समस्याओं के समाधान में दिक्कतें आ रही थीं। कैंट प्रशासन की ओर से जनता के प्रतिनिधि के तौर पर तीन लोगों का पैनल रक्षा मंत्रालय को भेजा गया, जो लंबे समय तक अटका रहा। मंगलवार को रक्षा मंत्रालय की ओर से गजट नोटिफिकेशन जारी कर अनिल चांदना को कैंट बोर्ड में जनता का प्रतिनिधि मनोनीत किया गया है। उनका कार्यकाल छह माह का होगा, लेकिन चुनाव नहीं होने की स्थिति में यह कार्यकाल बढ़ाया भी जा सकता है। मनोयन होने के बाद चांदना ने बुधवार को क्षेत्रीय जनता से बैठक कर समस्याओं के निदान पर चर्चा की। उन्होंने जनता को सभी समस्याओं के निदान का आश्वासन दिया है।
