नेताओं की नसीहत
आदर्शवादी बातें करना तो बहुतों को आता है लेकिन उनपर अमल करने वाले बिरले ही दिखते हैं। राजनीति में भी नेता इसी तरह की नसीहत दिया करते हैं लेकिन वो नसीहत खुद के लिए नहीं होती है। बिहार विधानसभा में पिछले दिनों एक ऐसा ही प्रकरण सामने आया। हालांकि यह मामला भी मुख्य समस्या से ध्यान हटाने का है और बताता है कि सियासत में कैसे कैसे तमाशे होते रहते हैं।बिहार में बजट सत्र में चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष और पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि खिलाड़ियों को राज्य में पर्याप्त सुविधा नहीं मिल पा रही है। इसका उदाहरण देते हुए तेजस्वी ने कहा कि राज्य में कोई शूटिंग रेंज तक नहीं है। यह कहते हुए तेजस्वी ने सत्ता पक्ष में बैठी श्रेयसी सिंह की तरफ इशारा किया जो निशानेबाजी प्रतियोगिता में नाम कमा चुकी हैं। तेजस्वी ने यह भी बताया कि श्रेयसी सिंह उनकी क्लासमेट रह चुकी हैं। श्रेयसी सिंह ने तब सरकार का पक्ष रखते हुए कहा था कि आप निशानेबाजी की चिंता न करें, हमारी खेलमंत्री से बात हो चुकी है। इसी मामले पर नेता प्रतिपक्ष घिर गये क्योंकि उन्होंने कभी सदन में बताया होगा कि सरकारी प्राथमिक व सेकेंडरी स्कूलों को कितना महत्व हमारे परिवार ने दिया है। इसी संदर्भ में लालू यादव ने चरवाहा विद्यालय खोले थे। तेजस्वी ने श्रेयसी सिंह को अपना क्लासमेट बता दिया जो कान्वेंट स्कूल में पढ़ी हैं।तेजस्वी से उनके स्कूल का प्रमाण मांगा जा रहा है जबकि राज्य में शिक्षा व्यवस्था, जिसमें शारीरिक शिक्षा भी शामिल है, में क्या कमियां हैं, उसे पर्दे के पीछे कर दिया गया है।
बिहार विधानसभा के बजट सत्र में शिक्षा विभाग के बजट पर चर्चा चल रही थी। बात बिहार में शिक्षा व्यवस्था की होने लगी। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कुछ कमियों की तरफ ध्यान आकर्षित किया। उनका जवाब तो नहीं मिला लेकिन अचानक चरवाहा विद्यालय पर चर्चा शुरू हो गई। इस दौरान बेनीपुर के विधायक विनय चैधरी ने कहा, लालू यादव ने अपनी सरकार में चरवाहा विद्यालय खुलवाया था, लेकिन उस विद्यालय में तेजस्वी यादव नहीं पढ़े. विनय चैधरी ने विधायक श्रेयसी सिंह को भी इसके लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने सदन के अंदर इस बात का खुलासा किया कि तेजस्वी यादव ने सरकारी स्कूल या चरवाहा विद्यालय में न पढ़कर दिल्ली के बड़े कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ाई की। विनय चैधरी के तेजस्वी यादव की शिक्षा पर सवाल उठाने पर तेजस्वी ने यह कह कर सबको चैंका दिया कि मैं स्कूल में पढ़ा हूं और मेरी डिग्री फर्जी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि मेरा तो जन्म ही चपरासी के फ्लैट में हुआ है।
जनता दल युनाइटेड (जेडीयू) ने नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव के सर्टिफिकेट की जांच की मांग उठाई है। जेडीयू के प्रवक्ता नीरज कुमारने तेजस्वी की शिक्षा को लेकर सवाल खड़े किये हैं। विधानसभा में तेजस्वी ने सरकारी स्कूल में पढ़ने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि वो और उनके सभी भाई-बहन सरकारी स्कूल में ही पढ़े हैं। हालांकि कुछ दिन पहले तेजस्वी ने सदन में बीजेपी की विधायक श्रेयसी सिंह को अपना बैचमेट बताया था। इस पर भी नीरज कुमार ने कटाक्ष करते हुए कहा कि दिवंगत दिग्विजय सिंह की बेटी श्रेयसी डीपीएस आरके पुरम से पढ़ी हुई हैं, जबकि सदन में तेजस्वी यादव ने कहा कि वो सरकारी स्कूल से पढ़े हैं। यदि वो सच बोल रहे हैं तो अपने स्कूल का नाम और रोल नंबर बतायें।
कानून व्यवस्था को लेकर भी राजनीति को दिक्कत है। विपक्षी दलों को हमेशा बदले की भावना दिखाई पड़ती है। राजद अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप और तापसी पन्नू के घर और दफ्तर में पड़े इनकम टैक्स (आईटी) के छापे को गलत बताया है। तेजस्वी यादव ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि भाजपा राजनीतिक लाभ के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों सीबीआई, ईडी, आईटी का इस्तेमाल करती हैं। अपने विरोधियों को डराने के लिए सरकार इन एजेंसियों का भय दिखाती हैं। तेजस्वी यादव ने कहा कि अपने लाभ के लिए किसी के खिलाफ इन एजेंसियों का इस्तेमाल करना राजनीतिक प्रतिशोध है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने खिलाफ आवाज नहीं सुनना चाहती और इन एजेंसियों का इस्तेमाल हमेशा अपने दुश्मनों के खिलाफ करती है। सरकार ऐसा करके एजेंसियों की साख खराब करने का काम कर रही है। हालांकि बताया जा रहा है कि आयकर विभाग की टीम को छापे के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज
मिले हैं।
