निजीकरण के विरोध में हड़ताल पर रहे बैंक कर्मी, 150 करोड़ का कारोबार प्रभावित
ऋषिकेश।
तीर्थनगरी ऋषिकेश में बैंक कर्मी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण के विरोध में हड़ताल पर रहे। बैंकों में सुबह से ही ताले लटकने के कारण वित्तीय लेन-देन के लिए आए ग्राहकों को उलटे पांव लौटना पड़ा। वहीं, सड़कों पर उतरे बैंक कर्मियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर आक्रोश जताया। शुक्रवार को भी शहर में बैंक बंद रहेंगे।
गुरुवार को उत्तराचंल बैंक इम्पलाइज यूनियन के बैनर तले एसबीआई, पीएनबी, बीओबी, पीएनबी आदि बैंकों के कर्मी रेलवे रोड पर एकत्रित हुए। यहां एसबीआई शाखा के बाहर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को निजी हाथों में सौंपने का पुरजोर विरोध किया। केंद्र सरकार के खिलाफ आक्रोश जताते हुए हड़ताली बैंक कर्मियों ने कहा कि संसद सत्र में सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंकों को निजी हाथों में सौंपने का बिल लाने जा रही है, इसका पूरे देश के बैंककर्मी पुरजोर विरोध करेंगे। यूनियन के जिला सचिव मयंक शर्मा ने कहा कि निजीकरण के विरोध में चले आंदोलन को सफल बनाने के लिए एकजुट होकर संघर्ष करना पड़ेगा। सार्वजनिक बैंकों का निजीकरण जनता और कर्मियों के हित में नहीं है। निजी हाथों में जाने से कर्मियों का भविष्य और जनता की कमाई सुरक्षित नहीं होगी। निजीकरण के विरोध में बैंकों की हड़ताल शुक्रवार को भी जारी रहेगी।
वित्तीय लेन-देन ठप रहा: बैंक कर्मियों की हड़ताल के चलते रेलवे रोड, देहरादून रोड, हरिद्वार रोड, लक्ष्मणझूला रोड, तिलक रोड, श्यामपुर आदि क्षेत्रों में सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकों में ताले लटके रहे। इससे वित्तीय लेन-देन पूरी तरह से ठप रहा।
ऋषिकेश में बैंकों की हड़ताल के चलते लगभग 150 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। उत्तराचंल बैंक इम्पलाइज यूनियन के जिला सचिव मयंक शर्मा ने बताया कि सभी बैकों के चेकों का क्लीयरेंस एसबीआई की रेलवे रोड शाखा में होता हैं। हड़ताल के चलते एक दिन में डेढ़ सौ करोड़ का क्लीयरेंस पर असर पड़ा है।
