गन्ना पर्ची नहीं मिलने पर छोटे किसान परेशान
रुड़की।
इकबालपुर शुगर मिल समिति की ओर से छोटे गन्ना किसानों की गन्ना पर्ची न आने से किसान परेशान हैं। गन्ना खेतों से उठने में देरी से गेहूं की बुवाई भी प्रभावित हो रही है। ऐसे में किसान गन्ना काटकर कम दाम पर कोल्हू में बेच रहे हैं। झबरेड़ा क्षेत्र में अधिकतर किसान गन्ने की खेती करते हैं। क्षेत्र में छोटे किसानों की संख्या काफी ज्यादा है। छोटे किसान खेतों में खड़ी गन्ना फसल काटकर गेहूं बुवाई करते हैं। बाद में गेहूं कटने पर गन्ना बोते हैं। किसान यशवीर सिंह, कपिल कुमार, सुलेमान मलिक, जयवीर सिंह, वेदांश, नीशू, रोहताश और सुशील प्रदीप आदि का कहना है कि इकबालपुर शुगर मिल समिति की ओर से गन्ना डालने के लिए काफी कम पर्चियां दी जा रही हैं। पिराई सत्र को शुरू हुए एक महीना होने वाला है और भी तक सिर्फ दो किसानों को ही गन्ना पर्ची मिली है। किसानों का कहना है कि उन्हें गन्ना काटकर ही गेहूं की बुवाई करनी है। ऐसे में उन्हें अपना गन्ना बहुत कम दामों में कोल्हू में बेचना पड़ रहा है। गन्ना कोल्हू में अभी लगभग 250 रुपये प्रति कुंतल गन्ना ठेकेदार खरीद रहे हैं। ऐसे में चीनी मिल और कोल्हू में गन्ने की कीमत में सौ रुपये का प्रति कुंतल का अंतर आ रहा है। किसानों ने गन्ना मंत्री से मांग की है कि छोटे किसानों को गन्ना पर्ची जारी करने के लिए चीनी मिल को निर्देशित किया जाए। इकबालपुर गन्ना समिति सचिव कुलदीप सिंह का कहना है कि मिल की ओर से गन्ना पेराई के हिसाब से ही पर्चियां भेजी जा रही हैं।
