हक की बात में बालिका ने दिया नारा खुलकर बाते कहना है, अत्याचार नही सहना है
उरई ।
मिशन शक्ति फेज 3 के तहत कलेक्ट्रेट सभागार में महिला कल्याण विभाग की ओर से आयोजित हक की बात जिलाधिकारी के साथ का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में नगर मजिस्ट्रेट कुंवर वीरेंद्र मौर्य ने जनपद के कोने-कोने से आई बालिकाओं व महिलाओं के प्रश्नों का प्रत्युत्तर दिया कार्यक्रम के बारे में बताते हुए जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ अमरेंद्र कुमार पौत्स्यायन ने कहा कि हक की बात जिला अधिकारी के साथ में बालिकाएं महिलाएं सामाजिक विषयों खासकर महिला हिंसा घरेलू हिंसा यौन हिंसा दहेज प्रथा बाल विवाह वन स्टॉप सेंटर बालिका शिक्षा तथा बालिकाओ एवं महिलाएं की समस्याओ से संबंधित प्रश्न करेंगी जिसका उत्तर नगर मजिस्ट्रेट द्वारा दिया जाएगा। एट निवासिनी मोबिना ने कहा कि मैं अत्यंत गरीब महिला हूं मुझे आवास उपलब्ध कराया जाए जिसके लिए नगर मजिस्ट्रेट ने उसकी प्रक्रिया को विस्तार से बताते हुए संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया कि यदि यह पात्रता की श्रेणी में आती हैं। तो इन्हें आवास उपलब्ध कराया जाए। सुरक्षा प्रजापति ने किया कि दहेज प्रथा समाज से कब बंद होगा तथा इस कुरीति के कारण आए दिन होने वाले हत्याओं पर कैसे अंकुश लगाया जाएगा। मोहित श्रीवास्तव नामक बालिका ने पुछा कि लड़कियां जब घर से बाहर निकलती है तो उनके अंदर एक अनजाना भय व्याप्त होता है। वह कैसे दूर हो जिसके बारे में नगर मजिस्ट्रेट द्वारा विस्तार से समझाया गया। कुंती निशा नामक छात्रा ने पूछा कि लडक़ों के बराबर लड़कियों को हक क्यों नहीं दिया जाता है। नगर मजिस्ट्रेट ने कहा कि आप पढ़ लिख कर के सशक्त बने ताकि आप लडक़ों से बराबरी कर सकें जिस दिन आप में स्वावलंबन का भाव आ जाएगा आप खुद के बारे में निर्णय लेने लगेंगे। दिव्या भारती नामक छात्रा ने छोटी बच्चियों के साथ हो रहे बलात्कार का मुद्दा उठाया जिसका समुचित जवाब नगर मजिस्ट्रेट द्वारा दिया गया। सोहन यादव नामक छात्रा ने अत्याचार नहीं अब सहना है खुलकर बाते कहना है का नारा दिया व समरस समाज बनाने का आवाहन किया वही प्रथम वर्ष की छात्रा अंशिका कुशवाहा ने घर से आने में कठिनाई के बारे में जिक्र किया। खुशी द्विवेदी ने दहेज प्रथा पर प्रश्न किया कि मेरी बुआ की शादी में दहेज नहीं दिया गया था फिर भी उन्हें प्रताडि़त किया जाता है। नगर मजिस्ट्रेट वीरेंद्र मौर्य ने कहा कि आज हक बात में महिलाएं व बालिकाओं द्वारा योगी समस्याएं बताई गई है ऐसी सभी शिकायतों को संबंधित अधिकारी समयबद्ध निस्तारण कराएं। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। परियोजना निदेशक डॉक्टर शिवाकांत द्विवेदी वरिष्ठ कोषाधिकारी आशुतोष चतुर्वेदी डी सी एन आर एल एम अवधेश दीक्षित जिला समाज कल्याण अधिकारी लालजी यादव जिला विकलांग कल्याण अधिकारी शिव सिंह तथा महिला थाना अध्यक्ष निलेश कुमारी बाल कल्याण समिति की सदस्य गरिमा पाठक महिला कल्याण विभाग की ओर से महिला कल्याण अधिकारी अल्कमा अख्तर संरक्षण अधिकारी जूली खातून राहुल सुरेश चंदन सिंह भिन्न-भिन्न विद्यालयों की छात्राएं तथा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने प्रतिभाग किया तथा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की शपथ ली आज के कार्यक्रम में ढाई सौ बालिकाओं व महिलाओं ने प्रतिभाग किया।
