वृंदावन बन रहा आस्था के साथ .’राजनीति का भी केन्द’
मथुरा।
विधानसभा चुनावों से पहले उत्तर प्रदेश की राजनीति ब्रज के सन्तो के चरणों नतमस्तक है।
विधान सभा चुनावों से ठीक पहले राजनीतिक दलों के बडे नेताओं ने वृंदावन की दौड लगा दी है। वृंदावन हिन्दुओं की आस्था का केन्द्र रहा है। वृंदावन भाजपा के लिए हमेशां से ही राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण रहा है। वृंदावन मार्ग स्थित वात्सल्यग्राम में भाजपा की महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठकें होती रही हैं। अब दूसरे राजनीतिक दल भी वृंदावन की और दौड रहे हैं। साधु संतों का आशीर्वाद ले रहे हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दूसरे बडे प्रदेश स्तर के भाजपाईयों ने वृंदावन के साधु संतों के साथ भोज किया था। मुख्यमंत्री वृंदावन में चल रहे ब्रजरज महोत्सव का उद्घाटन करने आए थे। इससे पहले प्रसपा ने वृंदावन के ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर से प्रदेश में अपने चुनावी अभियान का शुभारम्भ किया था। प्रसपा प्रमुख शिवपाल यादव ने चुनाव अभियान ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन करने के बाद साधु संतों के शंखनाद से किया था। उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ 17 बार मथुरा आ चुके हैं। इससे उनके मथुरा के साथ लगाव और साधुसंतों के साथ उनके संबंधों का पता चलता है। बसपा की ओर से शुक्रवार को 1000 संतो को भोजन कराकर उनका सम्मान किया गया। कार्तिक पूर्णिमा को मांट से बसपा विधायक श्याम सुंदर शर्मा की देखरेख में सभी तैयारियो को अंजाम दिया गया। उत्तरप्रदेश के विधानसभा चुनावों में महज तीन महीनों का समय बाकी रह गया है। सभी दल पूरे जोशोखरोश के साथ चुनावी समर में ताल ठोंक रहे हैं। बसपा महासचिव सतीश मिश्रा ने शुक्रवार को मथुरा मार्ग स्थित श्यामाश्याम धाम में हजारों संतो को भोजन कराकर उनका सम्मान किया। इस दौरान बसपा विधायक श्यामसुंदर शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं द्वारा श्री मिश्रा का चांदी का मुकुट पहनाकर जोशिला स्वागत किया। कार्यक्रम से पूर्व श्री मिश्रा पानीघाट स्थित बैकुंठ धाम आश्रम पहुंचे। जहां उन्होंने महंत राघवेंद्राचार्य महाराज का आशीर्वाद ग्रहण किया। इसके बाद ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में विधवतरूप से पूजा अर्चना की।
