सेलाकुई में स्थानीय लोगों ने भारत जोड़ो आंदोलन का बिगुल फूंका
विकासनगर।
1942 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चलाए गये भारत छोड़ो आंदोलन की तर्ज पर सेलाकुई में भारत जोड़ो आंदोलन शुरू किया गया। नगरवासियों ने सामूहिक रूप से एकत्र होकर अंग्रेजी कानून की प्रतियां जलाकर केन्द्र सरकार से देश में नए कानून की मांग की। रविवार सुबह नगर क्षेत्र स्थित रामलीला ग्राउन्ड में एकत्र स्थानीय लोगों ने भारत जोड़ो आंदोलन का बिगुल फूंका। भारत माता की जय के नारे लगाते हुए उन्होंने अंग्रेजी शासन काल के समय से बने कानूनों की प्रतियां जलाई। समाज सेवी त्रिभुवन सेमवाल ने कहा कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी देश में अंग्रेजों के बनाये कानून चल रहे हैं। इनके चलते न तो लोगों को समय पर न्याय मिल पा रहा है, और न ही दोषियों को सजा। उन्होंने देश में एक विधान और एक संविधान के साथ एक समान कानून की मांग की। कहा कि एक भारत और श्रेष्ठ भारत बनाना है तो एक देश-एक कानून के साथ एक देश-एक पाठ्यक्रम, एक देश-एक दंड संहिता, एक देश-एक पुलिस संहिता, एक देश-एक शिक्षा बोर्ड, एक देश-एक कर संहिता, एक देश- एक न्यायिक संहिता और एक देश-एक नागरिक संहिता का कानून लागू करना होगा। उन्होंने केन्द्र सरकार का ध्यान इस ओर खींचते हुए भारत जोड़ो आंदोलन को सफल बनाने और अंग्रेजी हुकूमत के कानून रद्द कर नए कानून बनाने की मांग की। इस मौके पर कमल रावत, शमशेर सिंह भंडारी, दिनेश राणा, राजेन्द्र बलूनी, नीतिश कुमार, गणेश पांडेय, अशोक महावर आदि शामिल रहे।
