उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ छठ पूजा का परायण
काशीपुर।
पूर्वांचलवासियों का चार दिवसीय महापर्व छठ का उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ परायण हो गया। व्रती महिलाओं ने पानी में खड़े होकर भगवान भास्कर को अर्घ्य देकर घर परिवार के सुख-समृद्धि की कामना की।
चैती चौराहा मोटेश्वर महादेव मंदिर के पास महादेव घाट पर पूर्वांचल छठ सेवा एवं जनकल्याण समिति के तत्वावधान में आयोजित सूर्य षष्ठी महापर्व छठ का 10 नवंबर से आयोजन किया गया था। छठ के तीसरे दिन कार्तिक शुक्ल षष्ठी 10 नवंबर को व्रती पूरी निष्ठा व पवित्रता के साथ फल, मिष्ठान, नारियल, पान-सुपारी, माला, फूल से डाला सजाकर शाम को छठ घाट पर जाकर डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया। 11 नवंबर को छठ पर्व के चौथे एवं अंतिम दिन प्रात:काल उगते सूर्य को दूध या जल से अर्घ्य देकर छठ व्रत का परायण किया। पूर्वांचल छठ सेवा एवं जनकल्याण समिति के संस्थापक व अध्यक्ष दिनेश प्रसाद ने बताया मान्यता है छठ पर्व में सूर्योपासना करने से छठी मईया प्रसन्न होती हैं और परिवार को सुख, शांति, धन-धान्य से परिपूर्ण करती हैं। साथ ही असाध्य रोग, कष्ट, शत्रु का नाश, सौभाग्य तथा संतान की प्राप्त होती है।
