इमरजेंसी वार्ड में भर्ती बच्चे को एक्सपायरी डेट का ग्लूकोज चढ़ाया, हंगामा वार्ड इंचार्ज,नर्स व फार्मासिस्ट दोषी पाए गए
कानपुर ।
जिला अस्पताल में घोर लापरवाही का मामला सामने आया है। गुरुवार को यहां इमरजेंसी वार्ड में भर्ती बच्चे को एक्सपायरी डेट की ग्लूकोज चढ़ा दी। समय रहते बच्चे के पिता की नजर पड़ गई तो उसने ड्रिप बंद कर दिया और जमकर हंगामा किया। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम जेपी सिंह ने एसीएमओ व अतिरिक्त मजिस्ट्रेट की जांच टीम बनाई। जांच के दौरान 15 बोतल और एक्सपायरी डेट की मिलीं। मामले में इमरजेंसी वार्ड इंचार्ज,नर्स व फार्मासिस्ट दोषी पाए गए हैं। इनके खिलाफ वेतन वृद्धि रोकने व दो माह का वेतन रोकने की कार्रवाई की जा रही।
रूरा निवासी अश्वनी पांडेय का नौ वर्षीय पुत्र कुशाग्र को बुखार था। उसे जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था। यहां पर नर्स शशि चौधरी ने मई 2021 को एक्सपायर हो चुकी ग्लूकोज चढ़ा दी। ग्लूकोज चढऩी शुरू हुई थी कि अश्वनी की नजर ग्लूकोज बोतल पर पड़ी तो वह सन्न रह गए। उन्होंने तुरंत ड्रिप बंद की और इसका वीडियो बना लिया। इसके बाद उन्होंने अस्पताल में ही हंगामा शुरू कर दिया। सीएमएस डॉ राजीव गुप्ता पहुंचे और किसी तरह से उन्हें शांत कराया।
दोषियों की वेतन वृद्धि रोकने व दो माह का वेतन रोकने की कार्रवाई
दोषियों की वेतन वृद्धि रोकने व दो माह का वेतन रोकने की कार्रवाई
मामला डीएम के संज्ञान में आया तो उन्होंने एसीएमओ वीपी सिंह व अतिरिक्त मजिस्ट्रेट राम शिरोमणि को जांच के लिए भेजा। जब इमरजेंसी वार्ड की दवा स्टोर को जांचा गया तो वहां पर 15 बोतल और एक्सपायरी डेट की मिली। इसे तुरंत सील कर दिया गया और सीएमएस कार्यालय में रखा गया। वहीं औषधि कक्ष की जांच की गई तो फार्मासिस्ट व इंचार्ज इंद्रपाल भाटिया ने बताया कि 145 बोतल कारपोरेशन से आई थी। उन्होंने पहले से रखी 1991 बोतल में इसे शामिल कर लिया। इसी में पहले की एक्सपायरी बोतल थी। उन्होंने अभी हाल में चार्ज लिया है इसलिए उन्हें अधिक जानकारी नहीं थी। सीएमएस ने बताया कि मामले में इमरजेंसी वार्ड इंचार्ज कंचन देवी, फार्मासिस्ट इंद्रपाल भाटिया व नर्स शशि देवी दोषी पाई गईं हैं। इन पर कार्रवाई की जा रही है।
