भारी बारिश से जनजीवन हुआ अस्त-व्यस्त, किसान हुआ बेहाल
रामनगर।
तहसील क्षेत्र में लगातार तीन दिनों से भारी बारिश से जनजीवन हुआ अस्त-व्यस्त वही किसान हुआ बेहाल है। मूसलाधार बारिश से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें छा गई धान की खेती चटाई की तरह बिछ गई उसके ऊपर एक से डेढ़ फिट पानी भर गया वही पक्की हुई फसल खेत में कटी पड़ी पानी में तैर रही है सरसों की खेती होने वाले किसान भी परेशान हैं वही आलू बोने की तैयारी में लगे किसान अब कह रहे हैं कि आलू की खेती लेट हो जाएगी बोया नहीं फिर भी लागत बढ़ जाएगी सरसों बोने के पश्चात अब खेत में पानी भर गया है जो भी लागत लगाई थी वह डूब गई वही तराई क्षेत्र में भारी बरसात में किसानों की कमर तोड़ कर रख दी क्योंकि तराई में पहले से ही खेतों में पानी था अब भारी बरसात होने के कारण फसल के बराबर पानी भर जाने से धान की फसल नष्ट होने की पूर्ण संभावना है तहसील अंतर्गत सरसों धान सब्जी की फसल पर बारिश की मार पड़ी है जिससे किसान परेशान है रामनगर तहसील अंतर्गत के गांव बरगदिया, पुरेजबर, सिलौटा, मरौचा, सिरकौली, रामपुर महासिंह, बिछलखा, लहंडरा, मडना, अमलोरा, पूरेभगाई, निजामपुर, चुरौलिया आदि गांव में फसलें पानी से डूब गई हैं वही कटी हुई फसलें सड रही है। अमलोरा निवासी रामगोपाल मिश्रा, विजय मिश्रा आदि ने बताया कि कटी हुई धन की फसल खेत मे सड़ रही है अब खाने के लाले पड़ेंगे। अब देखना यह है कि राज्य सरकार की ओर से भारी बरसात से नुकसान की भरपाई तहसील प्रशासन कितनी तत्परता के साथ करवाता है अभी तक ना तो लेखपाल कानूनगो ना ही राजस्व विभाग का कोई भी कर्मचारी किसानों की खबर लेने नहीं पहुंचा है ऐसे में किसानो की फसलों का नुकसान का निरीक्षण कर सरकार से आर्थिक मदद मिलने आस लगाए किसान बैठे हैं अब देखना यह है कि तहसील प्रशासन कितनी तत्परता के साथ किसानों के घाव पर मरहम लगाने का कार्य
