ब्रिटेन से एमबीए करने वाले शख्स ने की 134 करोड़ रुपये की टैक्स धोखाधड़ी, फर्जी निर्यातकों के नेटवर्क का भंडाफोड़

नई दिल्ली ।

केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) आयुक्तालय, पूर्व दिल्ली के अधिकारियों ने विस्तृत विश्लेषण करके फर्जी निर्यातकों के एक नेटवर्क का पता लगाया है, जो धोखाधड़ी से आईजीएसटी रिफंड का दावा करने के इरादे से माल और सेवा कर (जीएसटी) के तहत 134 करोड़ रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ उठा रहे थे और उसका उपयोग कर रहे थे। जांच के दौरान जोखिम भरे निर्यातक वाइब ट्रेडेक्स की पहचान की गई। यह इकाई पान मसाला, तंबाकू, एफएमसीजी सामान आदि के निर्यात का काम करती है।
फर्जी एक्सपोर्टर्स का नेटवर्क चिराग गोयल नाम का शख्स चला रहा था, जो युनिवर्सिटी ऑफ सैंडरलैंड, ब्रिटेन से एमबीए है। उसके सहयोगी के स्वामित्व वाली दो आपूर्तिकर्ता फर्मों/कंपनियों द्वारा उत्पन्न ई-वे बिलों का व्यापक विश्लेषण करने पर यह पाया गया कि जिन वाहनों के लिए माल की आपूर्ति के लिए ई-वे बिल तैयार किया गया था, उनका उपयोग गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश जैसे दूर के शहरों में किया जा रहा था और उक्त अवधि के दौरान कभी भी दिल्ली में प्रवेश नहीं किया था। इसके तहत फर्जी तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट का फायदा उठाया गया और इस्तेमाल किया गया, जिससे 134 करोड़ रुपये की टैक्स धोखाधड़ी की गई।
चिराग गोयल ने सरकार को धोखा देने के लिए एक गहरी साजिश रची और सीजीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 132 (1) (सी) के तहत निर्दिष्ट अपराध किए, जो गैर-जमानती हैं। उसे मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट पटियाला हाउस कोर्ट, नई दिल्ली ने 14 दिनों की अवधि के लिए 26 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले में आगे की जांच जारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *