मरीजों की सुरक्षा एवं सतत चिकित्सा शिक्षा पर एक ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित
श्रीनगर गढ़वाल।
मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में मरीजों की सुरक्षा एवं सतत
चिकित्सा शिक्षा पर एक ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किया गया। जिसमें
चिकित्सकों एवं स्टाफ को बेस अस्पताल में आने वाले हरके मरीज को बेहतर
चिकित्सा सेवा देने के साथ ही मरीज के जीवन की सुरक्षा हेतु अपनाए जाने
वाले विभिन्न तरीकों की जानकारी दी गई। जबकि डॉक्टरों एवं स्टाफ ने मरीज
के जीवन की सुरक्षा की भी शपथ ली गई। मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा शिक्षा
इकाई (एमईयू) की ओर से मरीज सुरक्षा पर सीएमई (सतत चिकित्सा शिक्षा) पर
ट्रेनिंग कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए मेडिकल
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीएमएस रावत ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में आने वाले
मरीज को बेहतर चिकित्सा सेवा मिले यह अस्पताल के डॉक्टरों का परम कर्तव्य
होना चाहिए। डॉ. रावत ने कहा कि मरीज के जीवन की सुरक्षा, प्रसव के दौरान
महिलाओं की सुरक्षा, शिशुओं की सुरक्षा, औषधीय सुरक्षा, रेडिएशन सुरक्षा
और अग्नि सुरक्षा आदि मरीज से जुड़े है। इसमें डॉक्टरों को चाहिए कि
अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीज को बेहतर उपचार मिले, इससे
पूर्व मरीज की समस्या सुनना, बीमारी को लेकर मरीज के मन में चल रही
शंकाओं का निराकरण करना ही मुख्य प्रथम सुरक्षा है। कहा कि मरीज तन के
साथ ही मानसिक रूप से भी संतुष्ट होना चाहिए। तभी चिकित्सा सुरक्षा का
लक्ष्य पूरा हो सकता है। इस मौके पर एमएस डॉ. केपी सिंह, ईएनटी विभाग के
एचओडी प्रो. रविन्द्र बिष्ट, अस्थि रोग विभाग के एचओडी डॉ. दयाकृष्ण
टम्टा, बाल रोग विभाग के एचओडी प्रो. व्यास कुमार राठौर, नेत्र रोग विभाग
के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एएन पांडेय, प्रो. किंग्सुक लोहान, प्रो. दौलत
सिंह, प्रो. अजय विक्रम, प्रो. दीपा हटवाल, डॉ. याशिक बंसल, डॉ. पूजा,
डॉ. जय कुमार व डॉ. मुकेश शुक्ला डॉ. मनीष जैन, एमआरडी प्रभारी आशीष कठैत
सहित विभिन्न विभागों की फैकल्टी व कर्मचारी- अधिकारी मौजूद थे।
