किसानों ने भरी केंद्र सरकार के खिलाफ हुंकार
विकासनगर।
केंद्र सरकार के तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ रामपुर गांव में किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ हुंकार भरी है। किसानों ने आगामी पांच सितंबर को मुजफ्फरनगर में आयोजित किसान महापंचायत को सफल बनाने का आह्वान किया है। कहा कि भारत सरकार के खेती-किसानों के खिलाफ बनाए गए तीनों कृषि कानूनों को समाप्त करना ही होगा। अन्यथा केंद्र सरकार को इसका अंजाम भी भुगतना होगा। मुजफ्फरनगर में आगामी पांच सितंबर को तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ आयोजित महापंचायत की सफलता को लेकर गुरुवार को रामपुर कला में किसान नेता राजू तोमर की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजित की गयी। बैठक में पछवादून, परवादून और आसपास के सभी किसानों ने बड़ी संख्या में शिरकत की। बैठक को संबोधित करते हुए किसान नेता राजू तोमर ने कहा कि मुजफ़्फरनगर में भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले तीनों काले कृषि कानूनों के खिलाफ होने वाली महापंचायत किसानों की अस्मिता का सवाल है। इस रैली में अधिक से अधिक संख्या में किसान शामिल होकर केंद्र सरकार को अपनी ताकत का ऐहसास करायेंगे। कहा कि इन तीनों कृषि कानूनों को समाप्त न किया गया तो आने वाले समय मे न किसान बचेंगे और नहीं खेती बचेगी। खेती और किसानी दोनों ही उद्योगपतियों की गुलाम हो जाएगी। कहा कि अपनी आजादी को बरकरार रखने के लिए उद्योगपतियों के हाथों खेती और किसानी को नहीं बिकने देंगे। इस मौके पर किसानों के बीच पहुंचे कांग्रेस पार्टी के प्रदेश महामंत्री आकि़ल अहमद ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि इस बार बरसात में क्षेत्र में उफनाती नदियों से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। जिससे किसानों की सैकड़ों बीघा धान की खेती बर्बाद हो गई है। कहा कि सरकार को किसानों के नुकसान को ध्यान में रखते हुए उनकी मदद करनी चाहिए। प्रदेश महामंत्री आकिल ने कहा कि तीनों कानून लागू हो गये तो किसान बर्बाद हो जायेगा। इस अवसर पर हाजी लियाकत, हाजी अब्दुल समन, पूर्व प्रधान मो. आलम, हाजी सुलेमान, हाजी अमजद, हाजी सहीद, हाजी यूनुस, नरेन्द्र गोस्वामी, हरि दर्शन शर्मा, हाफिज आबिद, मो. अरशद, साजिद, वाजिद, सादिक, अब्दुल हमीद, जमशेद, हारून, महफूज़, सोयब मलिक, सहजाद, हाजी असलम, अमीर अहमद, हाजी मकसूद, अब्दुल समद आदि ने विचार व्यक्त किये।
