ऊर्जा निगम के कार्मिकों की प्रदेशव्यापी हड़ताल से उपभोक्ताओं की पेरशानी शुरू
पौड़ी।
उत्तराखंड विद्युत अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा एसीपी की पूर्व व्यवस्था करने सहित विभिन्न मांगों के हल नही होने से नाराज होकर मंगलवार से हड़ताल पर चले गए है। प्रदेशव्यापी हड़ताल से बिजली उपभोक्ताओं की पेरशानियां दो-चार होनी शुरू हो गई है। इस हड़ताल में पौड़ी जिले के करीब छह सौ कार्मिक हड़ताल पर चले गए हैं। प्रदेश कार्याकारिणी के आह्वान पर मंगलवार को पौड़ी एसडीओ दफ्तर प्रांगण में आंदोलनरत कर्मचारियों ने धरना देकर सरकार के विरुद्ध प्रदर्शन किया। हड़ताल पर तीनों निगमों के अफसर और कार्मिक है। सोमवार रात से हड़ताल के शुरू हो जाने के कारण पौड़ी जिले के 28 सब स्टेशन का संचालन भी बंद हो गया है। बिजली सप्लाई में यदि फॉल्ट आता है तो वह भी दूर नहीं हो सकेगा। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मोर्चे के संयोजक आरपी नौटियाल ने कहा कि मोर्चे की कोई मांग नहीं है। पहले से जो सुविधाएं मिलती आ रही थी उन्हीं को देने की बात की जा रही है लेकिन 2017 से सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है जिसके कारण कार्मिकों और अफसरों में रोष है और विवश होकर हड़ताल पर जाने का फैसला लिया गया है। कहा कि लंबे समय से एसीपी की पूर्व व्यवस्था बहाल करने, पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिए जाने, ऊर्जा के तीनों निगमों में उपनल के माध्यम से कार्यरत संविदा कर्मचारियों को नियमित करने और समान काम के लिए समान वेतन जैसी 14 सूत्रीय जायज मांगों पर भी कदम नहीं उठ पा रहे है। जिसके कारण परेशानियों का सामना कार्मिकों को करना पड़ रहा है। कहा कि मांगों का निस्तारण नहीं होने से हड़ताल शुरू की गई। ऊर्जा निगम की हड़ताल के कारण पौड़ी जिले के चीला बिजली घर में सोमवार रात से ही उत्पादन बंद हो गया जबकि दुनाऊ जल विद्युत परियोजना पहले ही बारिश के कारण बंद पड़ी है। एसडीओ दफ्तर के बाहर कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मांगों पर कदम उठने तक हड़ताल को यथावत रखने की बात कही है। प्रदर्शन करने वालों में आरपी नौटियाल सहित सुरेंद्र, मूर्ति सिंह, संजय सिंह, दिक्का देवी, विक्रांत सिंह, शंकर सिंह, प्रतिभा नेगी, राम स्वरूप, दीन दयाल, वीरेंद्र सिंह, प्रदीप कुमार ,विक्रांत चौहान, मदन मोहन बिष्ट,पूनम, राजेंद्र आदि शामिल रहे।
