लखवाड़ बांध प्रभावितों ने रुकवाया बांध का निर्माण कार्य
विकासनगर
तीन सौ मेगावाट की लखवाड़ बांध परियोजना का निर्माण अभी पूरी तरह से शुरू भी नहीं हो पाया है। लेकिन बांध विस्थापित अपनी समस्याओं को लेकर मुखर होने लगे हैं। बांध विस्थापित सहकारी समिति के कार्यकर्ताओं ने परियोजना स्थल पर पहुंचकर बांध निर्माण का कार्य रुकवा दिया। समिति ने कहा कि बांध परियोजना का निर्माण कर रही यूजेवीएनएल और निजी कंपनी विस्थापितों की मांगों का निराकरण करने के बजाय उपेक्षा कर रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का निस्तारण नहीं किया जाता है तो व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। लखवाड़ बांध परियोजना सहकारी समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ता गुरुवार को बांध परियोजना स्थल पर पहुंचे। जहां धरना प्रदर्शन करने के साथ ही ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर मुखर हो गए। बांध विस्थापित ग्रामीणों ने बांध निर्माण का कार्य रुकवा दिया। ग्रामीणों ने कहा कि बांध परियोजना का कार्य कर रहे यूजेवीएनएल व निजी कंपनी लगातार उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। विस्थापित ग्रामीणों का कहना है कि अनुदान अनुग्रह राशि को बढ़ाने के साथ साथ अब तक भुगतान नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने कहा कि बांध परियोजना में ग्रामीणों को स्थायी रोजगार देने को लेकर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी। परिवार रजिस्टर के आधार पर कार्रवाई नहीं की गयी। पुनर्वास के लिए अलग से अधिकारी नियुक्त नहीं किया गया है। बांध परियोजना का काम कर रही निजी कंपनी स्थानीय लोगों को न तो कंपनी में रोजगार दे रही है, न ही कोई कार्य दे रही है जिससे लोग अपना रोजगार कमा सकें। मशीनरी का उचित मूल्य भी नहीं दिया जा रहा है। बांध प्रभावित समिति ने कहा कि गुरुवार को शासन प्रशासन को चेतावनी देने के लिए सांकेतिक बंद किया है। लेकिन अब भी यदि उनकी मांगों का पूरी तरह से निस्तारण नहीं किया जाता है तो व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। जिसका खामियाजा बांध प्रशासन को भुगतना पडेगा। परियोजना स्थल पर निर्माण कार्य रुकवाने वालों में बलवीर सिंह, नरेश चौहान, चतर सिंह, गजेंद्र सिंह तोमर, प्रदीप रावत, तरवण तोमर, रजवंत सिंह, रणजौर सिंह, मोहनलाल, महावीर सिंह, संजय तोमर, सिकंदर तोमर, शूरवीर सिंह, सुनील दत्त आदी शामिल रहे।
