एनएचएम कर्मियों के काम पर लौटने से मिली राहत
विकासनगर
पिछले सात दिनों कार्य बहिष्कार कर होम आइसोलेशन में गए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मी मंगलवार से काम पर लौट गए हैं। हालांकि मांगें पूरी होने तक एनएचएम कर्मियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ विरोध जारी रखने का निर्णय लिया है। इसके लिए कर्मी एक माह तक काला फीता बांध कर काम करेंगे। बावजूद इसके कर्मचारियों के काम पर लौटने अस्पतालों में ठप पड़ी केंद्र और राज्य सरकार की कई योजनाओं के दुबारा शुरु होने से आम लोगों को राहत मिलनी शुरू हो गई है। उप जिला चिकित्सालय में एनएचएम के तहत तैनात पांच चिकित्सकों समेत 23 पैरा मेडिकल कर्मी पिछले सात दिनों से हड़ताल पर थे। बड़ी संख्या में कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं के साथ ही प्रशासनिक व्यवस्थाएं चरमरा गई थी। इससे कोविड जांच और टीकाकरण अभियान भी सुस्त पड़ गया था। जबकि मलेरिया, डेंगू नियंत्रण कार्यक्रम भी ठप पड़े हुए थे। पिछले छह दिनों से डाट्स केंद्र बंद होने के कारण टीबी के मरीजों को भी अस्पतालों में उपचार नहीं मिल रहा है। मंगलवार से सभी सेवाएं विधिवत शुरू होने के साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की ओर संचालित की जा रही अन्य योजनाएं भी शुरू हो गई हैं। इसके साथ ही आशा कार्यकर्ताओं के लंबित भुगतान के चेक भी उन्हें मिलने लगे हैं। एनएचएम कर्मचारी संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष प्रमोद नेगी ने बताया कि प्रदेश नेतृत्व की शासन स्तर पर हुई वार्ता के बाद कार्य बहिष्कार को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। लेकिन मांगे पूरी होने तक काला फीता बांधकर सरकार का विरोध जारी रहेगा।
