सरकार की अनदेखी से स्कूल वैन संचालक भुखमरी की कगार पर
सहरानपुर
लॉकडाउन के चलते स्कूल वैन संचालक भुखमरी की कगार पर पहुंच गए और कोई इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं।
उत्तर प्रदेश में क्या लगभग पूरे देश में 22 मार्च 2020 को प्रथम लॉकडॉउन से उत्तर प्रदेश में भी सभी स्कूल बंद हैं। ठीक लॉक डाउन से कुछ माह पहले ही अवैध स्कूल वैन की रोकथाम हेतु सभी स्कूल वैन पर पिला रंग व पीली पट्टी लगाना अनिवार्य कर वैन का कमर्शियल रोड टैक्स, कमर्शियल बीमा नियम लागू किया था। जिसके अभाव में भारी जुर्माना रखा गया था। सभी स्कूल वैन संचालकों ने जुर्माने से बचने के लिए कमर्शियल टैक्स, बीमा कराया और अतिरिक्त आर्थिक बोझ को वहन किया। कुछ ही समय में लॉक डाउन हो गया। जिस कारण सभी को अपने स्कूल वाहन घर खड़े करने पड़े और जब से आज तक सभी के स्कूल वैन घरों में खड़े खड़े खराब हो रही हैं कुछ मालिकों द्वारा पुनः टैक्स व बीमा करने से बचने के लिए अपने वाहन को बेच कर घर खर्च चलाना पड़ रहा है तो कुछ बेचने को सोच रहे हैं परन्तु इस समय उपयुक्त ग्राहक नहीं मिल पा रहे हैं । जिससे वाजिब दाम भी नहीं मिल पा रहा है।
गत वर्ष आरटीओ द्वारा कुछ टैक्स में राहत प्रदान की गई थी। समय रहते सरकार ने इनकी ओर ध्यान ना दिया तो इनके आगे भूखे मरने के सिवा कोई विकल्प नहीं होगा। सरकार को चाहिए कि तत्काल पूरे लॉक डाउन समय का टैक्स व बीमा माफ किया जाए। साथ ही कोई अन्य कार्य न होने के कारण लॉक डाउन तक सभी स्कूल वैन चालकों को प्रति माह मुफ्त राशन के साथ कुछ नकद धनराशि भी मुहैया कराए जो न्यायोचित भी होगा।
