सडक़ निर्माण में अनियमितताओं का आरोप
चम्पावत
धौन-बडोली सडक़ एक बार फिर विवादों में घिर गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि सडक़ की चौड़ाई मानकों से कम कर दी गई है। इसके अलावा सडक़ निर्माण में काफी देरी हो रही है। इसी के चलते ग्रामीणों को महामारी के इस दौर में भी सडक़ सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है। लोगों ने डीएम और पीएमजीएसआई के अधिकारियों को पत्र भेज मामले की जांच की मांग उठाई है। करीब छह किमी धौन बडोली सडक़ निर्माण कार्य पीएमजीएसवाई ने 2019 में ही शुरू करा दिया था। शुरुआत से ही ग्रामीण सडक़ निर्माण में अनियमितताएं बरतने का आरोप लगाते रहे हैं। कई बार सडक़ निर्माण को लेकर हंगामे भी हो चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अर्सा बीतने के बाद भी विभाग सडक़ कटिंग का कार्य भी पूरा नहीं करवा पाया है। लोगों ने सडक़ की चौड़ाई की जांच और निर्माण कार्य पूरा करने की मांग उठाई है। ज्ञापन भेजने वालों में दीपक जोशी, शिरोमणी थ्वाल, देवी दत्त, लक्ष्मी दत्त, मोहनी देवी, कृष्णानंद, नीरज थ्वाल, दीपा देवी, बची राम आदि ग्रामीण शामिल हैं। इधर, पीएमजीएसवाई के अभियंता संजय तिवारी ने बताया कि पुराने स्टीमेट के अलावा सडक़ करीब 13 सौ मीटर और कटनी है। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। बजट का भी अभाव चल रहा है। इसी के चलते सडक़ निर्माण में कुछ देरी हुई है।
