स्वाद और पौष्टिकता, दोनों से भरपूर है मोटा अनाज
रुडकी। लक्सर और खानपुर की सभी न्याय पंचायतों में कृषि विभाग की टीम ने किसानों के साथ बैठक की। बैठक में मिलेट (मोटे अनाज) से होने वाले फायदे गिनाए। साथ ही रविवार से शुरू हो रहे सरकार के चार दिवसीय उत्तराखंड श्री अन्न महोत्सव में हिस्सा लेने की अपील भी की।
कृषि विभाग के लक्सर ब्लॉक प्रभारी शेरपाल सिंह के साथ टीम ने भिक्कमपुर, निरंजनपुर, मुंडाखेड़ा कलां, सुल्तानपुर, अकौढा कलां, रायसी, बहादरपुर खादर, मोहम्मदपुर बुजुर्ग, गोवर्धनपुर न्याय पंचायत और खानपुर प्रभारी हरिओम यादव की टीम ने गोवर्धनपुर, खानपुर तथा पोड़ोवाली न्याय पंचायत में किसानों के साथ बैठक कर उन्हें मिलेट (मोटा अनाज) के बारे में समझाया।
उन्होंने कहा कि पहले मोटे अनाज में मड़ुआ, झंगोरा, ज्वार, बाजरा, जौं आदि की ज्यादा खेती होती थी। लोग खाने में इसी अनाज का उपयोग करते थे। यह अनाज न सिर्फ स्वाद में अच्छा है, बल्कि शरीर के लिए पौष्टिक भी है। बताया कि आज भारत ही नहीं, दुनिया के ज्यादातर विकसित देश मिलेट अपना रहे हैं। विश्व की सबसे बड़ी संस्था संयुक्त राष्ट्र संघ भी अंतर्राष्ट्रीय मिलेट वर्ष मना रहा है।
