शिफनकोर्ट के बेघर लोगों ने दिया शहीद स्थल पर धरना
मसूरी। शिफनकोर्ट के बेघरों के लिए आवास निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं होने पर प्रभावितों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की बात कही है। प्रभावितों ने आरोप लगाया कि नगर पालिका, शासन-प्रशासन और स्थानीय विधायक ने उन्हें छला है। शिफनकोर्ट के बेघर लोगों ने शहीद स्थल पर धरना दिया। वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। शिफन कोर्ट के बेघरों ने एसडीएम कार्यालय प्रांगण में धरना देने की घोषणा की थी, लेकिन प्रशासन ने कचहरी में धारा 144 का हवाला देकर भारी संख्या में पुलिस-पीएसी लगा दी। इस कारण धरना शहीद स्थल पर दिया गया। शहीद स्थल पर शिफनकोर्ट आवासहीन निर्बल मजदूर वर्ग एवं अनुसूचित जाति संघर्ष समिति की सभा हुई। समिति के अध्यक्ष संजय टम्टा ने कहा कि 23 मार्च को एसडीएम की अध्यक्षता में बैठक हुई थी। तीन अप्रैल से आवास निर्माण शुरू हो जाने का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया गया था। तीन अप्रैल को बैठक के लिए बुलाया गया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। राज्य आंदोलनकारी एवं समिति के संयोजक प्रदीप भंडारी ने कहा कि भोले-भाले गरीब, दलित और निर्बल मजदूरों के साथ बहुत बड़ा धोखा, अन्नाय हो रहा है। इसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एक सप्ताह के भीतर शासन-प्रशासन ने आवास निर्माण कार्य की प्रकिया शुरू नहीं कराई तो उच्च न्यायालय नैनीताल का दरवाजा खटखटाया जाएगा। समिति के धरने में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मनमोहन मल्ल, दिनेश उनियाल, सम्पत्ति लाल, खेमानंद नौटियाल, कन्हैया लाल भट्ट, सुनीता देवी, सुमित्रा कंडारी, ममता भट्ट समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
