कूड़ा निस्तारण और प्रोसेसिंग प्लांट हेतु चयनित भूमि का लोगों ने किया विरोध
ऋषिकेश। कूड़ा निस्तारण और प्रोसेसिंग प्लांट के लिए वनभूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू करने से पहले प्रशासन ने आसपास के लोगों की आपत्ति दर्ज की। लालपानी में चयनित भूमि के नजदीक बसे लोगों ने इसका पूरजोर विरोध किया। सिर्फ इतना ही नहीं, प्लांट निर्माण के खिलाफ बाकायदा धरना शुरू कर दिया गया। बावजूद न तो उनकी आपत्ति पर गौर किया गया और न ही विरोध का संज्ञान लिया गया। पिछले 198 दिन से प्लांट का निर्माण चयनित भूमि की बजाय आबादी से दूर अन्य किसी स्थान पर करने की मांग को लेकर धरना चलता रहा। इस बीच न सिर्फ प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया, बल्कि टेंडर कॉल कर एजेंसी भी हायर कर ली गई। अब शासन ने फरमान जारी कर प्लांट का काम शुरू करने के लिए कहा, तो अधिकारी पुलिस बल के साथ पहुंचे। नगर निगम और प्रशासन के बीच वार्ता में यह सवाल भी उठा। कूड़ाघर संघर्ष समिति के सदस्य रंजीत थापा ने बताया कि संबंधित स्थान पर प्लांट निर्माण का विरोध शुरू से किया जा रहा है। नगर निगम बोर्ड ने भी प्लांट को पांच किलोमीटर दूर करने का प्रस्ताव पारित किया। क्षेत्रीय विधायक और कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल भी शहरी विकास विभाग के आला अधिकारियों के साथ संबंधित स्थान पर प्लांट निर्माण नहीं कराने की हामी भर चुके हैं। विरोध में सिर्फ प्रशासन ही नहीं, मुख्यमंत्री और शासन में संबंधित आला अधिकारियों तक को इस बाबत पत्र भेजे गए, मगर कहीं कोई सुनवाई नही हुई। कहा कि लालपानी में चयनित भूमि पर किसी भी सूरत में स्थानीय लोग प्लांट का निर्माण नहीं होने देंगे।
