जोशीमठ को बचाने का सरकार करें हर प्रयास
रुड़की। उत्तराखंड ज्योतिष परिषद के संस्थापक अध्यक्ष ज्योतिषाचार्य रमेश सेमवाल ने जारी बयान में कहा है कि जोशीमठ पौराणिक धरोहर है। भगवान आदि गुरु शंकराचार्य की तपोस्थली है। भगवान नरसिंह साक्षात विराजमान है, ऋषि मुनियों की तपोस्थली है। सरकार को अतिशीघ्र इसको बचाने का प्रयास करना चाहिए। हिंदू जनमानस को शीघ्र इसके लिए प्रयास करने चाहिए। हमारी ऐतिहासिक पौराणिक धरोहर है। जोशीमठ भगवान श्री बद्री विशाल का प्रवेश द्वार है और श्री जोशीमठ का बहुत बड़ा महत्व है। कहा कि आदि गुरु शंकराचार्य की तपोस्थली है और भगवान आदि गुरु शंकराचार्य को यही ज्ञान प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि ज्योतिष पीठ को बचाने का केंद्र और राज्य सरकार हर संभव प्रयास करें।
