ऊर्जा के तीनों निगम प्रबंधनों पर कर्मचारियों ने उपेक्षा का आरोप लगाया

विकासनगर। हाइड्रो इलेक्ट्रिक इंप्लाइज यूनियन की सोमवार को कुल्हाल अतिथि गृह में संपन्न हुई बैठक में ऊर्जा के तीनों निगम प्रबंधनों पर उपेक्षा का आरोप लगाया गया। कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से उनकी समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बैठक की अध्यक्षता कर रहे संजय राणा ने कहा कि टीजी द्वितीय पद पर 27,200 की एक वेतन वृद्धि के आदेश करवाए गए थे। इसके लिए कर्मचारी संयुक्त मोर्चा की ओर से लंबा आंदोलन किया गया। लेकिन अभी तक आदेश पर अमल नहीं हुआ है जिससे कर्मचारी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। वेतन वृद्धि का आदेश होने के बावजूद लागू नहीं होने से कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। इसके साथ ही तीनों निगमों के प्रबंधन ने विद्युत टैरिफ लागू करने का आश्वासन भी दिया था, जिससे कि कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके। लेकिन अभी तक निगम प्रबंधन किसी भी आदेश को लागू नहीं कर पाया है। इसके साथ ही पछुवादून के पांचों पॉवर हाउसों में कर्मचारियों की कमी चल रही है। निगम प्रबंधन नए कर्मचारियों की भर्ती नहीं कर रहा है। जिसका असर पहले से कार्यरत कर्मचारियों पर पड़ रहा है। कहा कि राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं में पर्याप्त कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं करना भी निगम प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाता है। सीमित कर्मचारियों के काम करने उन पर अधिक दबाव पड़ता है, जिसका असर उनके कार्य के साथ ही मानसिक स्थिति पर भी पड़ रहा है। कहा कि बिजली उत्पादन जैसे महत्वपूर्ण कार्य में लगे कर्मचारियों पर काम का दबाव पड़ना दुर्घटना का कारण भी बन सकता है। कर्मचारियों ने निगम प्रबंधनों से जल्द सभी समस्याओं के निस्तारण की मांग की है। इस दौरान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष केहर सिंह, इंसारुल हक, दीपक शर्मा, अशोक वर्मा, आशीष राणा, साउद खान, सुभाष, इकरार अली, सरिता पंत, सविता देवी, भगत सिंह, भवानी भट्ट आदि मौजूद रहे।

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