ग्राम प्रधान गांव और सरकार के बीच की कड़ी हैं: सेमवाल
विकासनगर। जौनसार बावर के ग्राम प्रधानों के साहिया में संपन्न हुए सम्मेलन में क्षेत्र के विकास के लिए सामूहिक प्रयास किए जाने पर चर्चा की गई। ग्राम प्रधानों ने आपदा काल के दौरान प्रधान के पास तात्कालिक राहत देने के लिए सरकार की ओर से फंड स्वीकृत करने की मांग उठाई।
रविवार को एसएमआर पीजी कॉलेज के सभागार में लोक पंचायत की ओर से आयोजित इस सम्मेलन में लगभग सभी पंचायतों के प्रधानों ने भाग लिया। सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर रहे उत्तराखंड शासन के वरिष्ठ सचिव हरी चंद्र सेमवाल ने कहा कि ग्राम प्रधान गांव और शासन के बीच की ऐसी कड़ी है, जो सरकार द्वारा संचालित जन उपयोगी योजनाओं को धरातल पर उतारते हैं। सरकार द्वारा ग्राम विकास के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से गांव में समुचित विकास किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रधानों को असीमित अधिकार दिए गए जिसके कारण आज गांव सशक्त हो रहे हैं l प्रधान संगठन कालसी के अध्यक्ष जहवार सिंह चकित ने कहा कि ग्राम पंचायत के माध्यम से ग्रामीण विकास के लिए कार्य किए जा रहे हैं, वहीं लोक पंचायत के माध्यम से लोक संस्कृति, रीति-रिवाजों को बचाए रखने के लिए कार्य किए जा रहे हैं। चकराता विकासखंड के अध्यक्ष दिलीप सिंह तोमर ने कहा कि आपदा काल के दौरान प्रधान के पास तात्कालिक राहत देने के लिए सरकार की ओर से कुछ फंड स्वीकृत किया जाना चाहिए, जिससे प्रभावित व्यक्ति को तुरंत राहत राशि के रूप में सहायता की जा सके ।
