राशन किट मामले में घोटाले का आरोप,जांच की मांग
विकासनगर। जन संघर्ष मोर्चा ने कोविड काल में कर्मकार बोर्ड की ओर पंजीकृत श्रमिकों के लिए खरीदी गई राशन किट मामले में घोटाले का आरोप लगाया है। उन्होंने राज्य सरकार से इसकी जांच किए जाने की मांग की है। मंगलवार को अस्पताल रोड स्थित कैंप कार्यालय में पत्रकारों से से वार्ता करते हुए जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष रघुनाथ नेगी ने कहा कि वर्ष 2020 में कोविड काल के दौरान कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा पंजीकृत श्रमिकों के लिए ढाई लाख राशन किट्स खरीदने के लिए टेंडर जारी किया। बाद में 75 हजार राशन किट्स पंजीकृत श्रमिकों के लिए और खरीदने का दावा किया गया। आरोप लगाया कि ये ढाई लाख एवं 75 हजार किट्स किसको बांटी गई, यह कर्मकार बोर्ड को भी मालूम नहीं है। उन्होंने कहा कि वास्तविकता तो यह है कि लगभग 60 फीसदी श्रमिकों को ही किट्स बांटी गई। कर्मकार बोर्ड द्वारा ठेका अपनी चहेती कंपनी से लगभग 988 रुपये प्रति किट के हिसाब से स्वीकृत किया गया, जिसमें 14 वस्तुओं का एमओयू साइन किया गया था। कर्मकार बोर्ड द्वारा टेंडर के अनुसार उपलब्ध किट में चावल 3 किग्रा, दाल 1 किग्रा, भुना चना 500 ग्राम, मसाला 200 ग्राम और दो साबुन दर्शाया गया। जबकि आपूर्तिकर्ता कंपनी द्वारा चावल 5 किग्रा, दाल 2 किग्रा, साबुन 4, भुना चना एक किग्रा एवं मसाला 250 ग्राम की आपूर्ति की गई दर्शाया है। उपरोक्त तथ्यों के आधार पर खरीद एवं वितरण में काफी भिन्नता है। आरोप लगाया कि किट्स में सामान की मात्रा कम थी और गुणवत्ता भी निम्न स्तर की थी। उन्होंने प्रदेश सरकार से इस प्रकरण की खरीद एवं वितरण की उच्च स्तरीय जांच करा कर श्रमिकों को न्याय दिलाने की मांग की है। इस दौरान गोविंद सिंह नेगी, दिनेश राणा, अमित कुमार, संजय बंसल आदि मौजूद रहे।
