दिनभर झमाझम बारिश से लुढ़का पारा

 

ऋषिकेश। शनिवार तड़के से ही ऋषिनगरी में झमाझम बदरा बरसने शुरू हो गये थे। आसमान में घने काले बादल छाने से ऋषिनगरी में दिन में ही अंधेरा छा गया। दिनभर यहां झमाझम बारिश हुई। शहर की सड़कें जलमग्न होने से लोग हलकान रहे, तो किसानों के लिये बारिश संजीवनी बताई जा रही है। लगातार हो रही बारिश से ठिठुरन बढ़ गई है। ऋषिनगरी का अधिकतम तापमान 15 डिग्री और न्यूनतम 12 डिग्री सेल्सियस रहा। आसमान में घने बादल छाए रहे। नालियां चोक होने से बारिश का पानी सड़क पर बहने लगा। इससे पैदल राहगीरों का सड़क से निकलना मुश्किल रहा। शहर के मुख्य बाजार तिलक रोड, रेलवे रोड, मुखर्जी मार्ग, हरिद्वार मार्ग, दून मार्ग, लक्ष्मणझूला मार्ग, संयुक्त बस अड्डा मार्ग, पुष्करमंदिर मार्ग, चौदहबीघा, ढालवाला, बैराजमार्ग में नालियां चोक होने से हालात बिगड़ गये। शांतिनगर के बरसाती पानी से हरिद्वार मार्ग नाले में तब्दील हो गया। लक्ष्मणझूला मार्ग पर नालियां चोक होने से दुपहिया वाहन चालक चोटिल भी हुये। ढालवाला की क्षतिग्रस्त सड़कें भी पैदल राहगीरों के लिये मुसीबत बनीं। ग्राहकों से अटे रहने वाले बाजार बारिश के चलते सूने दिखे। लोगों में नालियां चोक होने से खासी नाराजगी दिखी।

नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र का कहना है कि शहर में नालियों की सफाई न होने से हल्की बारिश में ही शहर जलमग्न हो जाता है। इससे पैदल व दुपहिया चालक चोटिल भी होते हैं। नगर निगम मेयर अनिता ममगाईं का कहना है कि चोक नालियां खोलने के लिये अतिरिक्त कर्मचारी लगाये गये हैं। बताया कि शांतिनगर में बरसाती पानी की निकासी के लिये अंडरग्राउंड नाला बनाने का प्रस्ताव बनाया जा रहा है।

श्बाजार में पसरा सन्नाटा: लगातार हो रही बारिश से पारा तेजी से लुढ़क गया है। इससे ठिठुरन बढ़ गई है। ग्राहकों से अटे रहने वाले शहर में शनिवार को सन्नाटा पसरा रहा। दुकानदार भी दिनभर ग्राहकों का इंतजार करते दिखाई दिये। व्यापार महासभा अध्यक्ष संजय भट्ट का कहना है कि बारिश व ठंडक बढ़ने से बाजार में दिनभर सन्नाटा रहा। दुकानदारों ने भी अपने प्रतिष्ठानों में अलाव जलाकर आग सेकी।

फसल के लिये संजीवनी है बारिश: बारिश से किसानों के चेहरे खिल गये है। गेहूं, सरसों, गन्ने सहित रबी की फसल के लिये बारिश संजीवनी बताई जा रही है। देहात के क्षेत्र में गेहूं, सरसों व गन्ने की फसल अधिक उगाई जाती है। कृषि वैज्ञानिक डा. एसके सिंह का कहना है कि बारिश से फसल की उत्पादकता बढ़ेगी। सर्दियों में फसल के लिये बारिश का किसान इंतजार कर रहे थे।

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