बागेश्वर में पहुंचने लगे हैं घुमंतु प्रजाति के लोग
बागेश्वर। जनवरी माह आते ही जनपद के विभिन्न स्थानों में घुमंतु जाति के कई परिवार यहां पहुंचने लगे हैं। इनके द्वारा जहां नदी किनारे बसेरा कर गंदगी फैलाई जा रही है वहीं नियम विरुद्ध विभिन्न स्थानों में बच्चों और महिलाओं द्वारा भीख मांगने का काम किया जा रहा है। इन दलों में शामिल महिलाएं बाजार में नाबालिग और मासूम बच्चों को गोद में लेकर भीख मांगने का काम करते हैं। कई बार ये पैसा नहीं देने पर अभद्रता करते हैं। जबकि इनके साथ के पुरूष विभिन्न प्रकार के वेष धारणकर बिना मास्क के भीख मांगने का काम करते हैं। घुमंतु परिवार सरयू या गोमती नदी के तट पर ही अपना बसेरा बनाते हैं तथा नदी किनारे खुले में शौच करते हैं, इससे नदियां प्रदूषित हो रही हैं तथा स्वच्छता अभियान को चोट पहुंच रही है। कोरोना के प्रकोप के दौरान हुए लॉकडाउन में कई परिवार सूरजकुंड में फंस गए थे। तब ये परिवार प्रशासन के लिए मुसीबत बन गए थे। प्रशासन को इनके स्वास्थ्य और भोजन की व्यवस्था करनी पड़ी थी, कई बार इन लोगों ने प्रशासन के सामने बेहतरीन भोजन दीए जाने को लेकर हंगामा भी काटा था।
