हिमाचल विधानसभा शीत सत्र : एक-दूसरे के खिलाफ नौ को रणनीति बनाएंगे भाजपा और कांग्रेस

शिमला।

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के धर्मशाला के तपोवन में होने जा रहे शीत सत्र से एक दिन पहले नौ दिसंबर को भाजपा और कांग्रेस एक-दूसरे के खिलाफ रणनीति बनाएंगे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में भाजपा विधायक दल की बैठक उपायुक्त कार्यालय के कैबिनेट हाल में नौ अगस्त शाम को सात बजे होगी। कांग्रेेस विधायक दल की बैठक नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में निजी होटल में होगी। चुनावी साल शुरू होने से पहले दोनों राजनीतिक दल एक-दूसरे के खिलाफ आक्रामक नजर आएंगे। पिछले साल कोविड संक्रमण अधिक फैलने के कारण शीत सत्र नहीं हो सका था। यह दो साल बाद हो रहा है। राज्य विधानसभा का शीत सत्र 10 दिसंबर से शुरू होगा। यह पांच दिन का होगा। कांग्रेस एक लोकसभा और तीन विधानसभा उपचुनाव में भाजपा को हराने के बाद उत्साहित है, वहीं भाजपा भी कांग्रेस के हर हमले पर जवाबी आक्रमण करेगी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के एकजुटता के आह्वान और आराम करने वाले लोगों को घर बैठाने के संदेश के बाद भाजपा सरकार के मंत्री और विधायक अधिक चुस्त नजर आ सकते हैं।

विधानसभा का सिटिंग प्लान बदलेगा, 21 के बजाय 22 कांग्रेस विधायक बैठेंगे

शीत सत्र में नए विधायकों के जीतकर आने के बाद सिटिंग प्लान फिर बदलेगा। वीरभद्र सिंह, सुजान सिंह पठानिया और नरेंद्र बरागटा के देहांत के बाद अर्की से संजय अवस्थी, फतेहपुर से भवानी पठानिया और जुब्बल-कोटखाई से रोहित ठाकुर विधानसभा में चुनकर आए हैं। इससे कांग्रेस विधायकों के सिटिंग प्लान में बदलाव होगा। वरिष्ठता के हिसाब से रोहित ठाकुर वरिष्ठ विधायकों के साथ बैठेंगे तो नए विधायक आखिर में बैठेंगे। सत्र मेें कांग्रेस के एक विधायक की बढ़ोतरी होगी। पहले 21 विधायक  थे तो अब 22 हो जाएंगे। भाजपा के 43 विधायक, निर्दलीय दो और एक माकपा विधायक के होंगे। हालांकि, कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सुक्खू के अस्वस्थ होने से उनके सदन मेें बैठने पर अभी संशय है।

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