आरजेडी ने कोरोना वैक्सीन पर जताया संदेह
पटना……
तरफ मेडिकल छात्र की मौत कोरोना से हो गई तो दूसरी तरफ वैक्सीन को लेकर जारी खींचतान खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. आरजेडी विधायक ने साफ लब्जों में कह दिया है कि पीएम और सीएम के वैक्सीन लेने के बावजूद उन्हें यकीन नहीं है जबतक कि विशेषज्ञों की राय सामने ना आ जाए। उनकी इस दलील में एआईएमआईएम का भी समर्थन मिला है तो वहीं एनडीए ने आरजेडी पर पलटवार किया है और भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है।
दरअसल, पूरे मुल्क में कोरोना वैक्सीन का तीसरा चरण चल रहा है. तमाम दिग्गजों ने वैक्सीन का पहला डोज भी लिया है. लेकिन बिहार में इस डोज को लेकर किचकिच है. विपक्ष लगातार इस मुद्दों को लेकर सवाल उठा रहा क्योंकि उन्हें वैक्सीन की विश्वसनीयत पर संदेह है. आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की जांच के बाद ही टीका लगवाएंगे. हमें पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम नीतीश कुमार पर भरोसा नहीं है।
आरजेडी के इस संदेह पर एनडीए ने सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि विपक्ष की तरफ से लोगों में भ्रम फैलाने का काम हो रहा है तो वहीं बीजेपी ने यहां तक कह दिया कि बेहतर है विपक्ष के नेता टीका ना लें. बिहार सरकार के मंत्री मदन सहनी ने कहा कि विपक्ष टीका पर भ्रम फैला रहा है. विपक्ष को अभियान में सहयोग करना चाहिए था. जबकि बीजेपी विधायक पवन जायसवाल ने कहा कि अच्छा है विपक्ष के नेता टीकाकरण अभियान से दूर रहें. कहीं ऐसा न हो कि विपक्ष के नेता टीकाकरण अभियान को बदनाम करने के लिए टीका लेकर बीमार होने का नाटक करने लगें।
इधर, वैक्सीन पर आरजेडी की राय से कांग्रेस की राह थोड़ी अलग है. कांग्रेस की माने तो वैक्सीन के सिर्फ दो ट्रायल हुए हैं. इसी को लेकर संदेह किया जा रहा है. कांग्रेस के विधान पार्षद प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा है कि मेरी राय है कि टीका सबको लेना चाहिए. टीका का निर्माण भारत की दो विश्वसनीय कंपनियों ने बनाया है. सरकार ने तीन की बजाय सिर्फ दो ट्रायल किए हैं इसलिए संदेह हो रहा है।
