ड्रैगन के बाद पाकिस्तान भी हॉटलाइन पर कर रहा शांति की बात
नई दिल्ली…….
पूर्वी लद्दाख में चीन बॉर्डर पर डिसइंगेजमेंट की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। वहां शांति बहाली के हालात बनते ही पाकिस्तान का रुख भी बदल गया है। भारत और पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल्स ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस के बीच हॉटलाइन पर बात हुई है। एक साझा बयान में कहा गया, कि दोनों देशों ने सभी संधियों, समझौतों और संघर्ष विराम के नियमों का पालन करने पर सहमति जाहिर की। यह सहमति 24-25 फरवरी की मध्य रात्रि से लागू हो गई। दोनों देशों के बीच इस बात पर भी सहमति बनी कि अगर कोई गलतफहमी होती है,तब पहले से मौजूद हॉटलाइन कॉन्टैक्ट और बॉर्डर फ्लैग मीटिंग्स वाले सिस्टम का इस्तेमाल होगा। साझा बयान में कहा गया कि दोनों डीजीएसओएस ने नियंत्रण रेखा और बाकी सभी सेक्टर्स पर हालात की समीक्षा की। यह बातचीत गर्मजोशी भरे माहौल में हुई, ऐसा बयान में कहा गया है। यह भी तय हुआ कि दोनों देश उन मुद्दों और चिंताओं पर एक्शन लेने वाले हैं, जिनकी वजह से शांति भंग होकर हिंसा होती है। यह बातचीत सीमाओं पर लगातार शांति बरकरार रखने की दिशा में उठाया गया एक कदम है।
भारत और चीन के बीच पिछले साल अप्रैल-मई से तनाव बरकरार था। पूर्वी लद्दाख में कई जगहों पर दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने थीं। उधर पाकिस्तान की तरफ से भी लगातार सीजफायर का उल्लंघन हो रहा था।इसके बाद कई विशेषज्ञ संभावना जता रहे थे कि भारत को दोनों मोर्चों पर युद्ध का सामना करना पड़ सकता है। सेना इसके लिए तैयार थी। आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे, एयरफोर्स चीफ एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया साफ कह चुके थे कि भारत ऐसी किसी परिस्थिति से निपटने में पूरी तरह सक्षम है। एक तरफ चीन के सैनिक लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर जमे थे, वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान भी मोर्चा खोल रहा था। इसी महीने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राज्यसभा में बताया था कि 2020 में पाकिस्तान की ओर से 5,133 बार सीजफायर का उल्लंघन किया गया। इसमें सुरक्षा बलों के 46 जवानों को जान गई। जबकि साल 2019 में सीजफायर उल्लंघन की घटनाओं का आंकड़ा 3,233 था। सिंह ने कहा था कि इस साल 29 जनवरी तक सीजनफायर उल्लंघन की 299 घटनाएं हो चुकी थीं। साफ है कि जब चीन ने बॉर्डर पर हलचल बढ़ाई तो उसी वक्त पाकिस्तान ने भी उकसावे की कार्यवाई की।
(ईएमएस)
