बेता नाला उफनाने से झौबरिया गाँव के लोग हुए घरों में कैद
मलिहाबाद।
दो दिन की बरसात ने एक बार फिर से झौबरिया गाँव के लोगों को कैद कर दिया है। गाँव के चारो तरफ बेता नाला उफनाने से पानी भरा हुआ है। हर साल बरसात में इस गाँव के लोगों के लिए यह मुसीबत पैदा होती है। ग्रामीण दसियों साल से पुल के निर्माण की माँग कर रहे हैं पर आजतक किसी ने ध्यान नही दिया है जिससे ग्रामीणों में काफी रोष व्याप्त है।
मलिहाबाद के अंतर्गत रहीमाबाद के रुसेना मजरे झौबरिया गाँव के पास से निकला बेता नाला दो दिन की बारिश से ही उफना गया है। गाँव के चारो तरफ पानी ही पानी दिखाई पड़ रहा है जिससे ग्रामीण घरों में ही कैद हो गए हैं। बेता नाले के किनारे किसानों की फसलें डूब गई हैं लोग घरों से निकल नही पा रहे हैं। आपको बता दें कि यह गाँव लखनऊ हरदोई बार्डर का आखरी गाँव है गाँव के लोग बेता नाले पर बने पुल से आसपास लगने वाली बाजारों में सब्जी खरीदने आते थे तथा गाँव के लोग मजदूरी करने जाते थे पुल डूबने से वह अब घरों से निकल नही पा रहे हैं। पुल से पानी की बहाव काफी अधिक है अगर इस पुल से लोग गुजरें तो वह अपनी जान भी गंवा सकते हैं। ग्रामीण रामसेवक ने बताया कि भारी बरसात से गुरुवार रात बेता नाले का पुल डूब गया गाँव के चारो तरफ पानी भरा हुआ है। उनका कहना है कि दसियों साल से गाँव के लोग इस समस्या को दूर कराने की माँग कर रहे हैं लेकिन कोई जिम्मेदार इस ओर ध्यान देने को तैयार नही है।
नेताओं के वादे आज तक रहे अधूरे
ग्रामीणों ने बताया कि चुनाव के समय नेता गाँव आते हैं उनकी यह समस्या दूर कराने का वादा करते हैं लेकिन चुनाव के बाद न तो कोई झांकने आता है और न ही कोई सुनता है। बरसात में इस समस्या से लोगों का खाना पीना, काम धाम सब चौपट हो जाता है। इस पुल से सैकड़ों लोग रोज संडीला की तरफ जाते हैं तथा संडीला की तरफ के लोग निकलकर रहीमाबाद होते हुए लखनऊ जाते हैं अब पुल डूबने से निकलने वाले लोग 10 किलोमीटर का सफर कर के जा रहे हैं।
बीते वर्ष डूबते बचा था ग्रामीण
बीते वर्ष बरसात में भी पुल पूरी तरह से डूब गया था गाँव के चारो तरफ पानी भरा हुआ था खाने पीने की सामग्री खत्म होने के बाद मजबूर होकर ग्रामीण चंद्रपाल पुल के ऊपर से निकल रहा था तभी पानी की बहती तेज धारा की वजह से वह डूबते-डूबते बच गया था क्योंकि पानी का जलस्तर इतना था कि पुल कहाँ है पता ही नही चल रहा था इस वर्ष भी यही हाल है। अगर पुल से जलस्तर कम नही हुआ तो ग्रामीणों के लिए मुसीबतें खड़ी होंगी।
