चन्द्रशेखर आजाद : आगामी होने वाले विधानसभा चुनाव में सभी 70 सीटों पर प्रत्याशियों को उतारा जायेगा
देहरादून…….
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भीम आर्मी सेना के भारत एकता मिशन के संस्थापक चन्द्रशेखर आजाद ने कहा है कि आगामी होने वाले विधानसभा चुनाव में सभी 70 सीटों पर प्रत्याशियों को उतारा जायेगा।
यहां परेड ग्राउंड स्थित उत्तरांचल प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी राजधानी के लिए कालागढ़ को प्रस्तावित करती है और पूर्व की दोनों सरकारों द्वारा इस मुद्दे पर राज्य की जनता की भावनाओ से खिलबाड किया गया है जिसे किसी भी दशा में सहन नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि राज्य की कुल आबादी का 60 से 70 प्रतिशत मैदान के तीन जिलों में निवास करती है, जिसमे एक बड़ी आबादी एससी. , पिछड़ी जातियों तथा अल्पसंख्यक समुदायों की है।
उन्होंने कहा कि पार्टी गवर्नमेंट ग्रांट एक्ट को पुनर्जिवित करने की आवश्यकता है. इसके अंतर्गत गरीब एवं भूमिहीनों को जीवनोपर्जन योग्य भूमि का आवंटन किया जाना चाहिए और आजादी के बाद भी लोग आज दो जून की रोटी के लिए मोहताज हैं.. सरकारी नौकरियों से कुछ लोगो के जीवन में बदलाव आया था और वह भी अब तक की सरकारों को बर्दास्त नहीं हुआ और एनपीजी और निजीकरण के नाम पर सरकार ने नौकरियां ही खघ्त्म कर दी हैं. इसलिय भूमि सुधारों और भूमि के पुनर्वितरण मांग की है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की अब तक सरकारों द्वारा आउटसोर्स के नाम पर सरकारी नौकरियों में बैकडोर एंट्री का रास्ता अपना रखा है और इसमे आरक्षण का पालन नही किया जा रहा है जिस कारण राज्य की अनुसूचित जातियों अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्ग के लोगो को सीधे नुकसान हो रहा है और वह सरकारी विभागों में समुचित प्रतिनिधित्व से वंचित हो रहे हैं, जो की संविधान के अनुछेद 15, 16 का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिंग की सभी भर्तियों में संविधानिक आरक्षण का पूर्ण पालन किया जाना जाना चाहिए. राज्य बनने से अब तक जितनी भी आउटसोर्स भर्तियां की गयी हैं, के सापेक्ष बैकलॉग ड्राइव चला कर इन वर्गों की भर्तियों की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की रेगुलर, स्थाई नियुक्ति की जानी चाहिए. पार्टी देश में चल रहे किसान आन्दोलनों और उनकी मांगों का का समर्थन करती है लॉकडाउन, नोट बंदी, जीएसटी. आदि गलत नीतियों से आज बेरोजगारी चरम पर है और उन्होंने सरकार से नौजवानों की लिए बेरोजगारी भत्ते की मांग की हे।
