ग्रामीण स्थानीय निकायों को 13,385.70 करोड़ की सहायता राशि जारी

नयी दिल्ली ।

सरकार ने ग्रामीण स्थानीय निकायों (आरएलबी) को अनुदान देने के के लिए 25 राज्यों को 13,385.70 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। वित्त मंत्रालय के अनुसारयह अनुदान सहायता वर्ष 2021-22 के बंधे हुए अनुदान की पहली किस्त है। यह अनुदान 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार जारी किया गया है। अब तक वर्ष 2021-22 में ग्रामीण स्थानीय निकायों को कुल 25,129.98 करोड़ रूपये की अनुदान राशि जारी की गई है
ग्रामीण स्थानीय निकायों (रूरल लोकल बॉडीज -आरएलबी) को दो महत्वपूर्ण सेवाओं में सुधार के लिए बंधा हुआ अनुदान जारी किया जाता है, अर्थात स्वच्छता एवं खुले में शौच से मुक्ति (ओडीएफ) की स्थिति तथा रख-रखाव और पेयजल की आपूर्ति , वर्षा जल संचयन और जल पुनर्चक्रण (रीसाइकिलिंग)।
पंचायती राज संस्थाओं के लिए आवंटित कुल सहायता अनुदान में से 60 प्रतिशत बंधा हुआ (निर्धारित) अनुदान है। इसे पेयजल आपूर्ति, वर्षा जल संचयन और स्वच्छता जैसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के लिए निर्धारित किया गया है। शेष 40 प्रतिशत मुक्त अनुदान (अनटाइड ग्रांट) है और पंचायती राज संस्थाओं के विवेकानुसार वेतन के भुगतान को छोड़कर अन्य आवश्यक कार्यों के लिए इसका आवश्यकता अनुसार उपयोग किया जाना है।
बंधा हुआ अनुदान केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत स्वच्छता और पेयजल के लिए केंद्र और राज्य द्वारा आवंटित धन के अलावा ग्रामीण स्थानीय निकायों को अतिरिक्त धन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए होता है।
केंद्र सरकार से प्राप्त होने के बाद 10 कार्य दिवसों के भीतर राज्यों को यह अनुदान को ग्रामीण स्थानीय निकायों को हस्तांतरित करना आवश्यक है। 10 कार्य दिवसों से अधिक की देरी होने पर राज्य सरकारों को ब्याज सहित अनुदान जारी करना पड़ता है।

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