कृत्रिम गर्भाधान, पशुधन बीमा पर विशेष ध्यान दें अफसर
पौड़ी।
पशुपालन विभाग के निदेशक ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को कृत्रिम गर्भाधान, पशुधन बीमा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। कहा कि सडक़ों के पास स्थित सभी पशु चिकित्सालय, पशु सेवा केंद्रों जिन पर कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा वर्तमान तक नहीं है उनमें इन सुविधाओं को जल्द शुरू करने के लिए जल्द प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए। निदेशक बनने के बाद पहली बार पौड़ी में विभागीय समीक्षा बैठक में निदेशक डा. प्रेम कुमार ने पशु चिकित्साधिकारियों को भारत सरकार द्वारा प्रायोजित गोपाल रत्न अवॉर्ड के लिए दिए गए पोर्टल पर दी गई गाइडलाइन के अनुसार तीन श्रेणियों सर्वोत्तम स्वदेशी गोपाल, सर्वोत्तम कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता, सर्वोत्तम डेरी फार्मर में पुरस्कार के लिए सभी मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में अवार्ड की तीनों कैटेगरी में आवेदन के लिए अधिक से अधिक प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। इससे पूर्व राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना के तहत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन भी किया गया। कार्यशाला में विषय विशेषज्ञ डा. अजय असवाल ने कृत्रिम गर्भाधान, एंब्रियो ट्रांसफर द्वारा कृत्रिम गर्भाधान की सफलता दर को बढ़ाने, डा.विशाल शर्मा ने ई गोपाला ऐप आदि तकनीकों की विस्तार से जानकारी दी। बैठक में अपर निदेशक गढ़वाल मंडल डा. अशोक कुमार, परियोजना निदेशक लघु पशु गढ़वाल डा. आशीष रावत, परियोजना निदेशक पशुलोक डा. जगमोहन असवाल, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी पौड़ी डा. एसके सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी हरिद्वार डा. योगेश भारद्वाज, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी देहरादून डा. एसबी पांडे, मुख्य मुख्य चिकित्सा अधिकारी रुद्रप्रयाग डा. रमेश नितवाल आदि शामिल थे।
