धूमधाम से मनाई भगवान धन्वतरी की जयंती
पिथौरागढ़
प्रकृति के प्रथम आयुर्वेद चिकित्सक धन्वतरी जयंती पर आयुर्वेद दिवस धूमधाम से मनाया। गोष्ठी के माध्यम से वरिष्ठ चिकित्सकों ने आयुर्वेद पद्धति से इलाज की विशेषता भी बताई। शुक्रवार को भगवान धन्वंतरी जयंती को बीडी पाण्डेय जिला अस्पताल में आयुर्वेद दिवस के रूप में मनाया। वक्ताओं ने कहा कि भगवान धन्वंतरि जयंती राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में धनतेरस के दिन मनाया जाता है। भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद और आरोग्य का देवता माना गया है। मान्यताओं के अनुसार भगवान धन्वंतरि की उत्पत्ति समुद्र मंथन से हुई थी। समुद्र मंथन से निकले भगवान धन्वंतरि के हाथों में कलश था। इसी वजह से दिवाली के दो दिन पहले भगवान धन्वंतरी के जन्मदिन को धनतेरस के रूप में मनाया जाता है। वर्तमान में संक्रमण के दौर मे रोग-प्रतिरोधक क्षमता व रोग निवारण में आयुर्वेद के महत्व पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान आयुष विंग प्रभारी डॉ.चंद्रकला भैंसोडा,डॉ.रवि जोशी,डॉ.आकांक्षा वत्स,वरिष्ठ फार्मासिस्ट केएस अधिकारी,राजकीय शिक्षक संघ के महामंत्री प्रवीण रावल,नीलम जोशी,अभिषेक दरमोडा,विरेंद्र फिरमाल,निशा सौन मौजूद रहे।
