भिखारी की हत्या में प्रेमी-प्रेमिका को उम्रकैद

हरिद्वार

भिखारी की हत्या के मामले में द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार ने प्रेमिका और उसके प्रेमी को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने दोनों दोषियों को आजीवन कारावास और 40 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। गैर संप्रदाय की प्रेमिका से शादी करने के लिए दोषी मुकर्रम ने खुद की हत्या दर्शाने के लिए भिखारी की हत्या की थी। शासकीय अधिवक्ता राजकुमार सिंह ने बताया कि पिरान कलियर निवासी शराफत ने 19 सितंबर 2016 को अपने भाई मुकर्रम की लाश मिलने की सूचना देते हुए बताया था कि उसका भाई मुकर्रम चार दिन पहले रोशनाबाद फैक्ट्री में काम करने गया था। इसके बाद से मुकर्रम लापता चल रहा था। शिकायतकर्ता शराफत ने एक सप्ताह पूर्व अपने गांव के रहने वाले आरिफ पर घर आकर उसके भाई मुकर्रम को जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। जिसपर कलियर पुलिस ने आरोपी आरिफ पुत्र शराफत के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। केस की विवेचना के दौरान मुकर्रम और उसकी प्रेमिका पूजा को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जिसमें पूछताछ करने पर दोनों ने बताया था कि करीब तीन साल से एक दूसरे से बातचीत करने व शादी करना चाहते थे। गैर संप्रदाय होने पर शादी नहीं हो पा रही थी। जिस पर हत्यारोपी मुकर्रम और उसकी प्रेमिका पूजा ने षड्यंत्र रचकर एक भिखारी की निर्मम हत्या कर खुद की हत्या दर्शाकर दोनों ने बाहर जाकर शादी करने की योजना बनाई थी। पुलिस ने मुकर्रम पुत्र अशरफ और हत्या के षड्यंत्र की दोषी पूजा पुत्री लालसिंह सैनी निवासी गण ग्राम मानक माजरा थाना भगवानपुर को जेल भेज दिया था। पुलिस ने दोनों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था। मुकदमे में सरकारी पक्ष ने 13 गवाह प्रस्तुत किए।

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